कोलकाता/नई दिल्ली 10 जून : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर गुटबाजी, विरोध प्रदर्शनों और कथित बागी बैठकों का दौर जारी है, लेकिन इन सबके बीच आसनसोल से टीएमसी के लोकसभा सांसद और बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की ‘खामोशी’ ने हर किसी को हैरान कर दिया है। अपने तीखे बयानों और ‘खामोश’ डायलॉग के लिए मशहूर ‘शॉटगन’ इस पूरे सियासी विवाद से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस काफी गहरा गया है।
Advt

न कोलकाता के प्रदर्शन में दिखे, न दिल्ली की बैठकों में
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी इस समय कई तरह के आंतरिक और बाहरी राजनीतिक संकटों का सामना कर रही है। एक तरफ जहां पार्टी के कई नेता कोलकाता की सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन और विरोध प्रदर्शनों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के सियासी गलियारों में भी पार्टी के भीतर कुछ अंदरूनी खींचतान की खबरें हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि शत्रुघ्न सिन्हा इन दोनों ही मोर्चों से पूरी तरह गायब हैं। वे न तो कोलकाता में ममता बनर्जी के समर्थन में आयोजित किसी प्रदर्शन या रैली में दिखाई दिए और न ही दिल्ली में नेताओं की हो रही बंद कमरे की बैठकों में शामिल हुए।
क्यों लग रहे हैं अटकलों के बाजार?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शत्रुघ्न सिन्हा जैसे कद्दावर और मुखर नेता का ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर तटस्थ या शांत हो जाना किसी बड़े राजनीतिक संकेत की तरफ इशारा कर सकता है। बंगाल से लेकर दिल्ली तक इस बात को लेकर कयासों का बाजार गर्म है कि:
-
क्या ‘शॉटगन’ पार्टी के मौजूदा घटनाक्रमों और फैसलों से असंतुष्ट हैं?
-
क्या वे जानबूझकर इस अंदरूनी खींचतान का हिस्सा नहीं बनना चाहते और ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की नीति अपना रहे हैं?
-
या फिर पर्दे के पीछे कोई नई राजनीतिक पटकथा लिखी जा रही है?
विवादों के बीच बढ़ी टीएमसी की चिंता
काकोली घोष दस्तीदार जैसे वरिष्ठ नेताओं की अगुवाई में पार्टी के अंदर और बाहर चल रही हलचल के बीच शत्रुघ्न सिन्हा की यह रहस्यमयी दूरी टीएमसी आलाकमान के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। आसनसोल लोकसभा सीट पर शत्रुघ्न सिन्हा का अपना एक बड़ा जनाधार है, और उनकी यह दूरी पार्टी के भीतर किसी नए समीकरण को जन्म दे सकती है।
फिलहाल, शत्रुघ्न सिन्हा के करीबियों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र के कामों और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के चलते दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन राजनीति में ‘क्रोनोलॉजी’ और ‘टाइमिंग’ बहुत मायने रखती है। अब देखना यह होगा कि बॉलीवुड का यह ‘शॉटगन’ अपनी इस लंबी खामोशी को कब और किस बयान के साथ तोड़ता है।
📍








