कोरबा, 15 जून।
देश की दिग्गज ऊर्जा कंपनी JSW Energy ने छत्तीसगढ़ के पावर हब कोरबा में एक बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने कोरबा स्थित ‘मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड’ (MCCPL) की 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने (अधिग्रहण) का आधिकारिक ऐलान किया है। शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, JSW Energy ने इस डील के लिए कोलाहाई इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड और एसएफआई पार्सल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया है। यह पूरी डील 1,410 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर तय हुई है।
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कंपनी को उम्मीद है कि यह पूरा ट्रांजेक्शन 31 जुलाई 2026 तक मुकम्मल हो जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरे होते ही मारुति क्लीन कोल एंड पावर, JSW Energy की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) बन जाएगी। हालांकि, इस डील को अंतिम रूप देने के लिए अभी नियामकीय मंजूरियां, CSIDC की जमीन के हस्तांतरण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की अनुमति और मौजूदा लेंडर्स (कर्जदाताओं) की एनओसी मिलना बाकी है।
10 साल पुराना है बांधाखार का यह प्लांट
कोरबा जिले के ग्राम बांधाखार में स्थापित मारुति क्लीन कोल एंड पावर का 300 मेगावाट (MW) क्षमता का थर्मल पावर प्लांट जुलाई 2015 से लगातार संचालित हो रहा है। वित्तीय मोर्चे पर भी यह प्लांट मजबूत स्थिति में है; वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी ने अपने ऑपरेशन से 787 करोड़ रुपये का शानदार रेवेन्यू (राजस्व) कमाया है।
JSW Energy की ताकत में होगा जबरदस्त इजाफा
इस रणनीतिक अधिग्रहण से JSW Energy की थर्मल पावर क्षमता को और मजबूती मिलेगी। वर्तमान में कंपनी की कुल लॉक-इन जनरेशन क्षमता 32.1 GW है। इस डील के बाद कंपनी की ऑपरेशनल थर्मल क्षमता 5,658 MW से बढ़कर 5,958 MW हो जाएगी, जबकि कुल लॉक-इन थर्मल कैपेसिटी 10,958 MW के आंकड़े को छू लेगी।
राजस्थान और छत्तीसगढ़ को जाती है यहाँ की बिजली
MCCPL का छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के साथ 25 सालों का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) है, जिसके तहत कुल उत्पादन का 5 फीसदी हिस्सा छत्तीसगढ़ को दिया जाता है। इसके अलावा, पीटीसी इंडिया (PTC India) के जरिए राजस्थान की सरकारी बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को 195 MW बिजली की सप्लाई की जाती है। इन दोनों समझौतों के बाद बची हुई बिजली को इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) में मर्चेंट आधार पर बेचा जाता है।








