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भू-विस्थापितों के हक में आईं सांसद ज्योत्सना महंत, कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर से की मुलाकात

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मुख्य बातें:
  • प्रभावित क्षेत्र: SECL की कुसमुंडा, गेवरा और दीपका खदान परियोजनाएं।

  • मुख्य मुद्दा: डेढ़ दशक (15 साल) से लंबित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांग।

  • आश्वासन: चेयरमैन अनुराग ठाकुर ने समस्याओं को गंभीरता से सुना, जल्द समाधान का भरोसा दिया।

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कोरबा 17 जून । साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की विभिन्न खदान परियोजनाओं से प्रभावित ग्रामीणों के हक में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने आवाज उठाई है। सांसद महंत ने कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर से मुलाकात कर भू-विस्थापितों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की। इस दौरान उन्होंने कुसमुंडा, गेवरा और दीपका क्षेत्र के प्रभावित ग्रामीणों की डेढ़ दशक पुरानी लंबित मांगों को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा और इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

15 वर्षों से अधर में लटका है ग्रामीणों का भविष्य

सांसद ज्योत्सना महंत ने चेयरमैन को बताया कि वर्ष 2009-10 से SECL द्वारा खदान विस्तार के लिए 60 से अधिक गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इस वजह से ग्रामीण न तो अपनी जमीन बेच पा रहे हैं, न कोई स्थायी निर्माण कर पा रहे हैं और न ही किसी तरह का आर्थिक निवेश कर पा रहे हैं। भूमि की खरीद-बिक्री ठप होने से कई परिवारों की पूंजी फंस गई है। परियोजना के कारण पर्यावरण, आजीविका और सामाजिक संरचना को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन इसके बदले ग्रामीणों को न तो उचित मुआवजा मिला, न रोजगार और न ही सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था की गई।

सांसद ने पत्र में की ये 6 प्रमुख मांगें:

  1. राजस्व त्रुटियों का निराकरण: विशेष शिविर लगाकर राजस्व अभिलेखों और दस्तावेजों की विसंगतियों को दूर किया जाए।

  2. तत्काल मुआवजा: लंबित मुआवजा राशि का वितरण शीघ्र किया जाए।

  3. मनपसंद पुनर्वास: ग्रामीणों की मांग के अनुरूप ही पुनर्वास स्थलों को स्वीकृति दी जाए।

  4. रोजगार व आजीविका: रोजगार से वंचित प्रभावित परिवारों को रोजगार या वैकल्पिक आजीविका मिले और स्थानीय युवाओं को SECL में प्राथमिकता दी जाए।

  5. प्रदूषण पर लगाम: खदानों से होने वाले वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी तकनीकी उपाय किए जाएं।

  6. DMF और CSR फंड का सही उपयोग: प्रभावित गांवों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए DMF व CSR राशि का पारदर्शी उपयोग हो और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए।

चेयरमैन का आश्वासन: कोल एंड स्टील माइंस कमेटी के चेयरमैन अनुराग ठाकुर ने सांसद द्वारा उठाए गए मुद्दों को बेहद गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे संबंधित मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर इन समस्याओं का समयबद्ध और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेंगे।

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