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मंदिर में चढ़ाए ‘पाप के पैसे’ : रिटायर्ड फौजी बन गया लुटेरा, 29.65 लाख की लूट का खुलासा

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इंदौर, 19 जून। इंदौर पुलिस ने स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29.65 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का बुधवार को पर्दाफाश कर दिया है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि सेना का एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) लांस नायक निकला। क्रिप्टो करेंसी के चक्कर में कंगाल हुए इस पूर्व फौजी ने कर्ज चुकाने के लिए बाकायदा गैंग बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास से 22.50 लाख रुपये, एक कार और ज्वेलरी जब्त की है।

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लूट के पैसों से सांवरिया सेठ में दान और बगलामुखी में हवन

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपितों ने जो किया, उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। लूट की रकम हाथ में आते ही आरोपी सीधे राजस्थान के प्रसिद्ध सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचे और वहां ‘पाप की कमाई’ में से 1.11 लाख रुपये दान कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने उज्जैन और नलखेड़ा जाकर मां बगलामुखी मंदिर में अपनी सुख-समृद्धि के लिए बाकायदा हवन-पूजन भी करवाया।

फिल्मी अंदाज में दी गई थी वारदात को अंजाम

पुलिस आयुक्त (एडीजी) संतोष कुमार सिंह के अनुसार:

  • पीड़ित: विंध्याचल कॉलोनी निवासी राकेश गोयल की सांवेर रोड पर ‘सृष्टि मेटल’ नाम से फैक्ट्री है।

  • घटना: 11 जून को उनका कर्मचारी मुकुल अग्रवाल सियागंज, छावनी और गाड़ी अड्डा के व्यापारियों से 29 लाख 65 हजार रुपये कलेक्शन कर लौट रहा था।

  • लूट: जैसे ही मुकुल मच्छी बाजार पहुंचा, घात लगाए स्कूटर सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीना और फरार हो गए।

सीसीटीवी में कैद हुई एक गलती और खुल गया राज

डीसीपी जोन-4 सुनील मेहता ने बताया कि बदमाशों ने वारदात के वक्त स्कूटर पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। लेकिन वारदात को अंजाम देने के बाद वे एक जगह रुके और स्कूटर की असली नंबर प्लेट लगाने लगे। उनकी यह हरकत वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसी एक सुराग के दम पर पुलिस पूरी गैंग तक पहुंच गई।

आगे भी थी बड़ी वारदातों की प्लानिंग: आरोपियों ने लूट की रकम का आपस में बंटवारा कर लिया था। इसमें से ढाई लाख रुपये निकालकर उन्होंने उज्जैन से एक कार भी खरीदी थी। इस कार का इस्तेमाल वे भविष्य में बड़ी लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए करने वाले थे।

मास्टरमाइंड: 16 साल देश की सेवा, फिर बना मुनीम

पकड़े गए आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता चंद्रशेखर उर्फ चंदू मुकाती (निवासी सन्नोद, देवास) है, जो सेना में 16 साल नौकरी कर चुका है। रिटायरमेंट के बाद वह एक कारखाने में मुनीम का काम करता था, जहाँ से उसने मुकुल के आने-जाने के रास्तों की रेकी की थी। चंदू के साथ पुलिस ने प्रवीण भंडारी (पालदा), अमर उर्फ भानजा अहिरवार (कुलकर्णी नगर), फिरोज और कपिल भंडारी को भी गिरफ्तार किया है:

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