सीमित संसाधनों को मात देकर दूरस्थ वनांचलों के युवाओं ने रचा इतिहास, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई, हॉस्टल की सीटें 50 से बढ़कर हुई थीं 200
रायपुर, 19 जून ।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के नतीजों में छत्तीसगढ़ के हिस्से एक बड़ी और गौरवपूर्ण उपलब्धि आई है। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण, जनजातीय और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ‘ट्राइबल यूथ हॉस्टल’ में रहकर तैयारी कर रहे छत्तीसगढ़ के 13 अभ्यर्थियों ने यूपीएससी प्रीलिम्स-2026 में शानदार सफलता हासिल कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।
Advt

सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बीच इन युवाओं ने अपने दृढ़ संकल्प और कड़े परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने थपथपाई पीठ: “यह युवा शक्ति का अटूट संकल्प”
इस ऐतिहासिक सफलता पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा:
“यह अभूतपूर्व सफलता छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति की प्रतिभा, परिश्रम और अटूट संकल्प का जीवंत प्रमाण है। हमारी सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। दूरस्थ अंचलों से आए इन युवाओं की सफलता प्रदेश के लाखों अन्य विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें सच करने की प्रेरणा देगी।”
सफलता के शिखर पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के ये 13 ‘रत्न’:
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा-2026 को क्रैक करने वाले ट्राइबल यूथ हॉस्टल के होनहारों की सूची इस प्रकार है:
📍श्री गौतम कुमार📍श्री कुलभूषण सिंह पोया📍श्री हरि चंद्र प्रकाश सिंह📍श्री मयंक रात्रे📍श्री मलिकराम पटेल📍श्री आर्यन राठौर📍श्री चेतन लाल📍श्री हरीश कुमार पटेल📍श्री किशन लाल साहू📍श्री सत्यनारायण चंद्राकर📍सुश्री दीक्षा दिवाकर📍श्री विकेश कुर्रे📍श्री प्रकाश पटेल
सरकार के एक फैसले ने बदली किस्मत: 50 से बढ़कर 200 हुईं सीटें
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि समाज के वंचित, शोषित और प्रतिभाशाली युवाओं को देश की राजधानी में रहकर देश की सबसे बड़ी परीक्षा की तैयारी का मौका मिले, इसके लिए राज्य सरकार ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में भारी बढ़ोतरी की थी। हॉस्टल की सीटों को 50 से बढ़ाकर सीधे 200 कर दिया गया। सरकार के इसी दूरदर्शी फैसले का नतीजा है कि आज बस्तर-सरगुजा जैसे दूरस्थ वनांचलों और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे दिल्ली में रहकर बिना किसी वित्तीय तनाव के पढ़ाई कर पा रहे हैं।
क्या है ‘ट्राइबल यूथ हॉस्टल’ और क्यों है यह खास?
यह हॉस्टल राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के होनहार युवाओं के लिए एक वरदान साबित हो रहा है। यहाँ चयनित विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क सुविधाएं दी जाती हैं, जिनमें शामिल हैं:
▪️अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास▪️पौष्टिक और स्वस्थ भोजन▪️२४ घंटे खुला रहने वाला अध्ययन कक्ष (Study Room) और समृद्ध पुस्तकालय▪️दिल्ली के उत्कृष्ट कोचिंग संस्थानों के माध्यम से कोचिंग▪️अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों का नियमित मार्गदर्शन
मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में भी लहराएंगे परचम: रामविचार नेताम
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ट्राइबल यूथ हॉस्टल जैसी संस्थाएं छिपी हुई प्रतिभाओं को तराशने का काम कर रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रीलिम्स पास करने वाले ये सभी 13 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) में भी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर अंतिम चयन सूची में जगह बनाएंगे और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएंगे।
वहीं, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने इसे राज्य सरकार की नीतियों की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा दी जा रही मार्गदर्शन व्यवस्था और शैक्षणिक अवसरों का यह बेहद सकारात्मक और सुखद परिणाम है।








