//मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बेटियों को ‘चांदी’ जैसी चमक देने का वादा किया गया था, पर सरकारी जादूगरों ने उसे पलक झपकते ही ‘गिलट’ बना दिया।//
Advt

मनेंद्रगढ़, 13 जून: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है। इस बार मामला नवविवाहित जोड़ों को दिए जाने वाले उपहारों में कथित तौर पर घटिया सामग्री बांटने से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी की जगह गिलट (नकली धातु) की पायल दे दी गई। इस खुलासे के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के अंतर्गत आने वाले रतनपुर का है। यहाँ बीते 10 फरवरी को मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया था।
-
महिलाओं का दावा: कार्यक्रम में शामिल हुईं कुछ पीड़ित महिलाओं ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी पायल दिखाई।
-
अपेक्षा बनाम हकीकत: महिलाओं का कहना है कि योजना के नियमों के मुताबिक उन्हें चांदी के आभूषण मिलने थे, लेकिन जांच कराने पर पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है और दी गई पायल महज गिलट (सस्ती नकली धातु) की है।
जांच की मांग तेज, विपक्ष और जनता में आक्रोश
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इस मामले को लेकर कड़ा आक्रोश जताया है।
“गरीब बेटियों की शादी के नाम पर इस तरह का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की इतनी महत्वपूर्ण योजना में अगर नकली सामान बांटा गया है, तो यह बेहद गंभीर लापरवाही है। इसकी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।” — स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता
विभाग ने साधी चुप्पी
इस पूरे high-profile विवाद पर महिला एवं बाल विकास विभाग (MCB जिला) की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई सामने नहीं आई है। विभाग की इस चुप्पी के बाद जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस पर क्या एक्शन लेता है।








