Latest News
## असम के जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान दुर्घटनाग्रस्त, लैंडिंग के वक्त हुआ धमाका वाह रे सिस्टम! ‘चांदी’ की जगह ‘गिलट’ की पायल: बेटियों को मिला ‘सस्ता’ आशीर्वाद, विभाग ने मारी ‘महंगी’ पलटी! क्रिकेट से 9 गुना अमीर है फुटबॉल! फीफा वर्ल्ड कप 2026 की प्राइज मनी देख उड़ जाएंगे होश, हारने वाले पर भी होगी नोटों की बारिश पराग तिवारी नहीं रहे..आज अंतिम संस्कार  बदमाशों के हौसले बुलंद: ASI के बेटे की मौत के बाद सुलग रहा कोरबा, अपराधियों को किसका संरक्षण? जनता पूछ रही सीधे सवाल! छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना ने पकड़ी रफ्तार, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सीएम साय को पत्र लिख कांग्रेस पर साधा निशाना
Home » Uncategorized » एम्स रायपुर के डॉक्टरों का कमाल: मशीन में कटे 70 वर्षीय बुजुर्ग का हाथ जटिल सर्जरी से दोबारा जोड़ा

एम्स रायपुर के डॉक्टरों का कमाल: मशीन में कटे 70 वर्षीय बुजुर्ग का हाथ जटिल सर्जरी से दोबारा जोड़ा

Share:

एम्स रायपुर के डॉक्टरों का कमाल: मशीन में कटे 70 वर्षीय बुजुर्ग का हाथ जटिल सर्जरी से दोबारा जोड़ा

 

रायपुर छत्तीसगढ़: 24 अप्रैल 2026:अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के डॉक्टरों ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति का कटा हुआ हाथ सफलतापूर्वक जोड़कर चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

धान की भूसी मशीन से कटा था हाथ

मरीज का बायां हाथ धान की भूसी (पैडी हस्क) मशीन के चलती बेल्ट में फंस जाने से कोहनी के नीचे से कट गया था। घटना के लगभग दो घंटे के भीतर मरीज को अस्पताल लाया गया। कटा हुआ हाथ सही तरीके से बर्फ वाले डिब्बे में सुरक्षित रखा गया था, जिससे सर्जरी सफल होने की संभावना बढ़ गई।

Àdvt

आठ घंटे चली जटिल सर्जरी 

प्रारंभिक उपचार के बाद मरीज को तुरंत ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। लगभग 8 घंटे चली इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व Dr Jiten Kumar Mishra (प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष) ने किया। चोट गंभीर होने के कारण सर्जरी काफी चुनौतीपूर्ण थी। ऑर्थोपेडिक टीम, जिसका नेतृत्व Dr Sandeep Nema ने किया, ने हड्डी को छोटा कर उसे ठीक से जोड़ा। एनेस्थीसिया टीम ने ऑपरेशन के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा।

हाथ में दोबारा रक्त प्रवाह शुरू 

प्लास्टिक सर्जरी टीम के अन्य सदस्यों ने मिलकर हाथ में दोबारा रक्त प्रवाह शुरू किया और उसे सुरक्षित रूप से जोड़ने में सफलता पाई। मरीज को बाद में दो और सर्जरी से गुजरना पड़ा और लगातार निगरानी में रखा गया।

एक महीने बाद, मरीज का हाथ ठीक तरह से रक्त प्रवाह के साथ काम कर रहा है और घाव लगभग भर चुका है। हड्डी को पूरी तरह जुड़ने में लगभग 2 महीने और लग सकते हैं, जबकि हाथ की पूरी कार्यक्षमता लौटने में अधिक समय लग सकता है।

डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी स्थिति में मरीज और कटा हुआ अंग 6 घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचना और अंग को बर्फ में सही तरीके से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी होता है।

टीम वर्क की भूमिका सराहनीय 

ऐम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ Lt Gen Ashok Jindal (सेवानिवृत्त) ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी आपात स्थितियों में टीमवर्क की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

।।।

 

Leave a Comment

latest news