नासिक 13 जून : अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र की आड़ में महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में अब एक बड़ा मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने देश के सुप्रसिद्ध विधि विशेषज्ञ एडवोकेट उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील (Special Public Prosecutor) नियुक्त किया है।
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मामले की गंभीरता और सरकारी कदम
अशोक खरात पर खुद को अंकशास्त्री और सिद्धपुरुष बताकर महिलाओं को डराने-धमकाने और उनके यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। सरकार द्वारा उज्ज्वल निकम की नियुक्ति के बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई और तेज होने की संभावना है, जिससे प्रशासनिक व राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।
क्या है पूरा मामला?
नासिक पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अशोक खरात पर आरोप है कि वह महिलाओं को ‘दैवीय शक्तियों’ का डर दिखाता था और नशीले पदार्थ पिलाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था। इस मामले की जांच के लिए गठित SIT (विशेष जांच दल) ने जब खरात के कार्यालय और फार्महाउस पर छापेमारी की, तो वहां से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
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100 से अधिक अश्लील वीडियो: जांच एजेंसियों को खरात के ठिकानों से 100 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले हैं, जो महिलाओं के यौन शोषण का प्रमाण माने जा रहे हैं।
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गंभीर धाराएं: आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी के साथ-साथ ‘महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय प्रथा व काला जादू विरोधी कानून’ के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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जाल में फंसी कई महिलाएं: बरामद सबूतों से संकेत मिलता है कि आरोपी ने बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने झांसे में लेकर उनका शिकार बनाया था।
अब उज्ज्वल निकम की अदालत में मौजूदगी इस केस को और मजबूती देगी, जिससे पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।








