रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पांच दशकों से बस्तर की पहचान बन चुके नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
रायपुर 31 मार्च 2026 : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पांच दशकों से बस्तर की पहचान बन चुके नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की आधिकारिक घोषणा कर दी है। रायपुर प्रेस क्लब के ‘हमर पहुना’ कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने इसे लोकतंत्र की सबसे बड़ी जीत करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार के अटूट संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस की बदौलत आज बस्तर का हर कोना मुख्यधारा से जुड़ चुका है।
‘सरेंडर’ नहीं, ‘पुनर्वास’ ने बदला नक्सलियों का मन
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार की नीति में मानवीय दृष्टिकोण ने बड़ा बदलाव लाया है। हमने ‘सरेंडर’ जैसे शब्दों के बजाय ‘पुनर्वास’ जैसे सम्मानजनक शब्दों को प्राथमिकता दी। इसी का परिणाम है कि पिछले दो वर्षों में 3000 से अधिक लोगों का पुनर्वास किया गया। अक्टूबर 2025 में एक साथ 210 नक्सलियों का आत्मसमर्पण इस रणनीति की सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। वर्तमान में लगभग 95 प्रतिशत पूर्व नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौटकर सामान्य जीवन जी रहे हैं।
सावधानी और सुरक्षा: ‘अर्बन नक्सल’ नेटवर्क पर भी प्रहार
विजय शर्मा ने आगाह किया कि भले ही नक्सली बैकफुट पर हैं, लेकिन जंगलों में बिछी लैंड माइन्स अभी भी खतरा बनी हुई हैं, इसलिए अगले एक साल तक विशेष सावधानी बरती जाएगी। उन्होंने ‘अर्बन नक्सली’ नेटवर्क को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो अब भी हथियार उठाएगा, सुरक्षा बल उसे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
आदिवासियों के अधिकारों की सुरक्षा और PESA कानून
सरकार ने संकल्प जताया है कि बस्तर के विकास के आंकड़े जल्द ही सार्वजनिक किए जाएंगे। पूरे क्षेत्र में पेसा कानून (PESA) को कड़ाई से लागू किया जाएगा, ताकि आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके और संविधान का प्रभाव हर गांव तक पहुंचे।
मुख्य बिंदु:
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ऐतिहासिक तारीख: 31 मार्च 2026 को बस्तर हुआ नक्सलीमुक्त।
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बड़ी सफलता: अक्टूबर 2025 में एक ही दिन में 210 नक्सलियों का सामूहिक समर्पण।
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मुख्यधारा: 95 प्रतिशत पूर्व नक्सली अब समाज का हिस्सा।
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विकास: पेसा कानून के माध्यम से सुरक्षित होंगे आदिवासियों के अधिकार।
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