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छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन से कर्तव्य पथ तक: सिमरन बाला रचेंगी इतिहास

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नई दिल्ली/रायपुर ( Nari Shakti On Duty ): गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली का ‘कर्तव्य पथ’ एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेगा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में अपनी सेवा दे चुकीं सीआरपीएफ (CRPF) की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला, गणतंत्र दिवस परेड में पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनने जा रही हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

नक्सल मोर्चे पर पहली तैनाती जम्मू-कश्मीर के राजौरी की रहने वाली 26 वर्षीय सिमरन बाला का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता है। अप्रैल 2025 में बल में शामिल होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित ‘बस्तरिया’ बटालियन में हुई थी। यहाँ उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में आंतरिक सुरक्षा की बारीकियों को सीखा। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

140 पुरुष जवानों की कमान सीआरपीएफ के इतिहास में यह पहला अवसर है जब कोई महिला अधिकारी 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेगी। सिमरन बाला ने यूपीएससी (CAPF) परीक्षा पास करने के बाद गुरुग्राम अकादमी में ‘सर्वश्रेष्ठ अधिकारी’ का सम्मान भी प्राप्त किया था। उनकी यह उपलब्धि न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाबलों के मनोबल को भी दर्शाती है।

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