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पिता का स्नेह और राजनेता का अनुभव: डॉ. महंत ने बताया क्यों साथ घूमते हैं उनके बेटे सूरज महंत

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भी कोई जल्दबाजी नहीं…” सूरज महंत की पकोरबा, छत्तीसगढ़ । छत्तीसगढ़ की राजनीति के दिग्गज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अपने पुत्र सूरज महंत के सक्रिय राजनीति में आने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। राजनीतिक गलियारों में जहां सूरज की चुनावी लॉन्चिंग को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, वहीं डॉ. महंत ने इसे “मीडिया की कल्पना” करार देते हुए एक पिता और राजनेता की परिपक्वता का परिचय दिया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

“हमें भी चाहिए घूमने के लिए एक सहारा”

बेटे के भविष्य से जुड़े acn news के सवालों पर डॉ. महंत ने मुस्कराते हुए बेहद भावुक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “यह सब आप लोगों की कल्पनाएं हैं। स्वाभाविक है, बेटा अपनी माँ के साथ घूमता है और जब माँ नहीं रहती तो मेरे साथ रहता है। इस उम्र में हमें भी घूमने-फिरने के लिए एक सहारे की जरूरत होती है। वह फिलहाल एक बच्चे की तरह हमारे साथ काम सीख रहा है।” आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

राजनीति से संन्यास के बाद ही अगली पीढ़ी की बारी

डॉ. महंत ने स्पष्ट किया कि सूरज फिलहाल केवल उनके और सांसद ज्योत्सना महंत के सहयोगी के रूप में साथ खड़े हैं। उन्होंने आगे कहा, “जब हम राजनीति से हट जाएंगे, तब वह कोशिश करेगा या उसे राजनीति में लाएंगे तब देखा जाएगा। फिलहाल उसे आगे बढ़ाने की न तो कोई जल्दबाजी है और न ही आवश्यकता।”

बेटे के ‘सेवा भाव’ पर गदगद हुए पिता

हाल ही में सूरज महंत ने बयान दिया था कि वे किसी पद के भूखे नहीं हैं, बल्कि माता-पिता की सेवा और कांग्रेस के एक सच्चे सिपाही के रूप में काम करना ही उनका धर्म है। बेटे के इस संस्कार और सेवा भाव पर डॉ. महंत ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे के विचारों पर गर्व है।

 

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