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कड़ा रुख: सरगुजा में तबादला आदेश की नाफरमानी पड़ी भारी, 10 सहायक शिक्षक सस्पेंड

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अंबिकापुर/सरगुजा | 07 जनवरी, 2026:  सरगुजा जिले में शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। युक्तियुक्तकरण (Rationalization) प्रक्रिया के तहत अतिशेष पाए गए शिक्षकों के तबादला आदेश को नजरअंदाज करना 10 सहायक शिक्षकों को महंगा पड़ गया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) डॉ. दिनेश कुमार झा ने आदेशों की अवहेलना और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में इन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्यों गिरी निलंबन की गाज?

विभागीय जानकारी के अनुसार, युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के माध्यम से जिले के अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया था। इन शिक्षकों ने आदेश को चुनौती देते हुए संभाग स्तरीय समिति के पास अपील की थी। समिति ने सुनवाई के बाद उनके दावों को खारिज कर दिया और उन्हें नए स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी, जिसे ‘छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम’ के तहत गंभीर कदाचार और अनुशासनहीनता माना गया है।

इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई (निलंबित सूची):

निलंबन आदेश की जद में आए प्रमुख शिक्षकों में शामिल हैं:

  • गीता चौधरी (प्राथमिक शाला रिखीमुंडा)

  • अजय कुमार मिश्रा (प्राथमिक शाला बांधपारा)

  • सीमा सोनी (प्राथमिक शाला चठीरमा)

  • अल्पना गुप्ता (प्राथमिक शाला हर्राटिकरा)

  • मधु गुप्ता (प्राथमिक शाला बिसुनपुर)

  • भीष्म सिंह (प्राथमिक शाला मुड़ापारा) (एवं अन्य 4 शिक्षक)

कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

उल्लेखनीय है कि कई शिक्षकों ने इस प्रक्रिया के विरोध में बिलासपुर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने मामला जिला एवं संभाग स्तरीय समितियों को सौंप दिया था। समिति के अंतिम निर्णय के बाद भी आदेश का पालन न करना विभाग को नागवार गुजरा।

“शैक्षणिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभागीय आदेश सर्वोपरि हैं, इनका उल्लंघन करने वालों पर आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”डॉ. दिनेश कुमार झा, डीईओ, सरगुजा

विभाग के इस कड़े रुख से जिले के शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि अभी कई अन्य शिक्षक भी रडार पर हैं जो आदेश के बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं।

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