Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच मधेपुरा से एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। राजद ने शरद यादव के बेटे शांतनु यादव से पार्टी का सिंबल वापस ले लिया है। शांतनु यादव को पहले राजद की ओर से मधेपुरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह सिंबल वापस लेकर वर्तमान विधायक चंद्रशेखर सिंह को दे दिया है। जिससे सियासी तापमान हाई हैं।

शांतनु यादव का दर्द छलक उठा
टिकट कटने से आहत शांतनु यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने अपने पिता शरद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ एक पुरानी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, “मेरे खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र हुआ। समाजवाद की हार हुई”।
पारिवारिक रिश्तों के बावजूद नहीं मिला मौका
शरद यादव का लालू प्रसाद यादव के परिवार से गहरा और पारिवारिक संबंध था। शांतनु यादव लालू यादव के दोनों बेटों के हमउम्र हैं और उनके बीच अच्छी बनती है। शांतनु कई बार तेजस्वी यादव के साथ रैलियों में भी नजर आ चुके थे। इसी करीबी के चलते शांतनु को उम्मीद थी कि राजद अपने पिता की पारंपरिक सीट से उन्हें मौका देगी।
एक बार पहले भी लगा था झटका
अपने पिता की मृत्यु 12 जनवरी 2023 के बाद शांतनु यादव लगातार मधेपुरा में चुनावी तैयारी कर रहे थे। वो 2024 में लोकसभा चुनाव भी लड़ना चाहते थे। लेकिन उस वक्त भी उन्हें झटका लगा था। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें विधानसभा में टिकट देने का भरोसा दिया गया था।
शरद यादव का राजनीतिक कद
शरद यादव देश के एक कद्दावर नेता थे, जिन्होंने तीन अलग-अलग राज्यों ( मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और बिहार)का सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व किया था। वह सात बार लोकसभा सदस्य रहे , जिसमे 1991 से 2014 तक चार बार उन्होंने बिहार की मधेपुरा सीट का प्रतिनिधित्व किया और केंद्र सरकार में चार विभागों के मंत्री भी रह चुके थे .2019 में उन्होंने राजद के टिकट पर मधेपुरा से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे हार गए।








