कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब के द्विवर्षीय चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस बार अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे राजेन्द्र जायसवाल और नौशाद खान के बीच आमने-सामने की कांटे की टक्कर देखी जा रही है। वरिष्ठ पत्रकारों और विश्लेषकों का अनुमान है कि इस बार जीत-हार का अंतर बेहद मामूली (बहुत ही कम वोटों से) रहने वाला है। यही वजह है कि दोनों ही खेमों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
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एक-एक वोट की जंग, रणनीतिकार सक्रिय
अध्यक्ष पद के दोनों ही कद्दावर दावेदार प्रेस क्लब के एक-एक मतदाता से व्यक्तिगत संपर्क साध रहे हैं. वहीं, पर्दे के पीछे सक्रिय दोनों प्रत्याशियों के रणनीतिकार अपनी बेहतरीन जोड़-तोड़ और चुनावी बिसात के बल पर अपनी-अपनी जीत के दावे ठोक रहे हैं।
मतदाताओं की चुप्पी..
इस कशमकश के बीच प्रेस क्लब के निष्पक्ष और प्रबुद्ध मतदाताओं ने पूरी तरह से मौन धारण कर रखा है । मतदाता हर उम्मीदवार की बात तो सुन रहे हैं, लेकिन उनके मन में क्या है, इसका अंदाजा लगाना फिलहाल नामुमकिन है। जानकारों का मानना है कि:
जो खेमा चुनाव के अंतिम क्षणों तक अपने असंतुष्ट साथियों को मनाने और पाले में बनाए रखने में कामयाब रहेगा, जीत का पलड़ा उसी की तरफ झुकेगा।
14 जून को खुलेगा किस्मत का पिटारा
14 जून को कोरबा प्रेस क्लब के भाग्य विधाता (मतदाता) अपना अंतिम फैसला सुनाएंगे। मतदान के दिन सुबह से ही बूथ पर भारी कशमकश और गहमागहमी दिखने की उम्मीद है। शाम को मतपत्रों की गिनती शुरू होते ही यह साफ हो जाएगा कि आगामी दो वर्ष (2026-28) के लिए कोरबा मीडिया की कमान किसके हाथों में सौंपी जाएगी। फिलहाल, सबकी निगाहें रविवार को होने वाले इस दिलचस्प मुकाबले पर टिकी हैं।








