कोरबा में आज शाम को हुई बारिश से लगभग सभी स्थानों के रावण के पुतले भींग गए और क्षतिग्रस्त भी हुए। बारिश की वजह से पुतले के अंदर रखे पटाखे भी प्रभावहीन होने की संभावना है, इस वजह से रावण धन के दौरान पटाखों की गूंज कम सुनाई देगी।
कोरबा जिला का मशहूर लाल मैदान हसदेव ताप विद्युत गृह का दशहरा उत्सव में 112 फीट कद के साथ पुतले की कुल ऊंचाई 120 फीट की है, भी बारिश से क्षति ग्रस्त हुआ है बारिश की मार से रावण का एक सर ही झुका हुआ बचा है बाकी सर क्षतिग्रस्त हो गए ये बात अच्छी रही की पुतला गिरा नहीं। बता दे पहले रावण सिर घुमाने , लाल आँखें दिखाने और अट्टहास करने वाला था। लेकिन बारिश के कारण रावण का सिर एक साइड झुक गया हैं इसलिए संभावना कम है कि वह सिर धूमा पाएगा और अट्टहास करेगा।हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा पश्चिम के मुख्य अभियंता श्री पीके श्रीवास्तव ने कहा कि दशहरा उत्सव हम सबका सार्वजनिक कार्यक्रम है। आइए सभी मिलजुलकर दशहरा उत्सव का आनंद लें।
वहीं पुराने बस स्टैंड का रावण पुतला भी क्षतिग्रस्त हुआ है रावण के हाथ का भाला गिर गया और हाथ भी लहरा रहा हैं।
इसके बावजूद भी लोगों में दशहरा उत्सव को लेकर आकर्षण बरकरार है बारिश बंद होने के बात लोग अपने अपने धरो से निकलने लगे हैं।








