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‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन पर सियासत: भूपेश बघेल ने उठाया खर्च और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का सवाल… सचिवों और कलेक्टरों को किया सचेत

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रायपुर 18 सितंबर 2026  Chhattisgarh Politics: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन और उनके संवैधानिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने इस आयोजन में सरकारी तंत्र और जनधन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

आयोजन और विवाद की मुख्य बातें:

  • निजी उत्सव या सरकारी कार्यक्रम: पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि किसी नेता का जन्मदिन या अवसर मनाना आपत्तिजनक नहीं है, लेकिन जब मुख्यमंत्री स्वयं इसकी बैठकें लेते हैं और कलेक्टर व विभागाध्यक्षों को आयोजन का जिम्मा सौंपा जाता है, तब इस पर आपत्ति होना स्वाभाविक है।

  • सरकारी संसाधनों का प्रयोग: बघेल ने सवाल उठाया कि क्या यह कोई आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम है? यदि नहीं, तो विभिन्न सरकारी विभागों को दीए जलाने के लक्ष्य (टारगेट) क्यों दिए गए हैं?

  • खर्च और मद पर सवाल: उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 1.5 करोड़ से अधिक, रायपुर शहर में 25 लाख और रायपुर जिले में 31 लाख दीए जलाने का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे में दीया, बाती और तेल की खरीदारी किस सरकारी मद (Head) से की जा रही है, इसका पारदर्शी हिसाब दिया जाना चाहिए।

  • विधानसभा में हिसाब मांगने की चेतावनी: उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों (सचिवों और कलेक्टरों) को सचेत करते हुए कहा कि वे इसका पाई-पाई का हिसाब तैयार रखें। यदि सरकार स्वयं इसे सार्वजनिक नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा सत्र में हर जिले और विभाग से इसका विस्तृत ब्यौरा मांगा जाएगा।

  • जनधन का अपव्यय: पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता के टैक्स के पैसों का इस तरह से किसी दलीय या व्यक्तिगत उत्सव में अपव्यय नहीं किया जा सकता।