कोरबा (हरदीबाजार/दीपका)SECL Mining Issue । एसईसीएल दीपका क्षेत्र की कोयला खदान विस्तार के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीआईएसएफ की भारी मौजूदगी में शुक्रवार तड़के 5:00 बजे हरदीबाजार में प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर चला दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हॉस्टल, पटवारी कार्यालय, आरआई भवन, आंगनवाड़ी केंद्र और स्टाफ क्वार्टर ढहा दिए गए।

कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सामान हटाने का समय भी नहीं दिया गया। जल्दबाजी में की गई तोड़फोड़ से अस्पताल की दवाइयां, आंगनवाड़ी की सामग्रियां और पटवारी कार्यालय के महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज मलबे में दबकर नष्ट हो गए। इलाज के लिए सुबह पहुंचे मरीजों को बिना उपचार के लौटना पड़ा।
ग्रामीणों की मुख्य समस्याएं और आपत्तियां:
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मुआवजा व रोजगार: भू-स्वामियों को तय नीति के अनुसार उचित मुआवजा और युवाओं को रोजगार देने में अनियमितता का आरोप।
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पुनर्वास स्थल की बदहाली: प्रस्तावित बसाहट स्थलों पर विकास कार्य अत्यंत अधूरे व दयनीय हैं।
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जल संकट: खदान की दूरी गांव से महज 30 मीटर रह जाने के कारण कुएं, बोरवेल और हैंडपंप सूख चुके हैं।
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ब्लास्टिंग और प्रदूषण: हैवी ब्लास्टिंग के कारण घरों में दरारें आ रही हैं और प्रदूषण बढ़ रहा है।
घटना की सूचना पर पहुंचे कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए बिना पूर्व सूचना और वैकल्पिक व्यवस्था के की गई इस कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर एसईसीएल के प्रशासनिक भवन के गेट पर तालाबंदी की जाएगी। ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के भविष्य को रौंदकर किया जाने वाला विकास स्वीकार्य नहीं है और मूलभूत सुविधाओं तथा हक की प्राप्ति तक विरोध जारी रहेगा।








