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छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 में बड़ा बदलाव: आवासीय और कृषि क्षेत्रों में कई गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध, 15 दिनों में मांगे गए सुझाव

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रायपुर 11 सितंबर Land Use Rules : छत्तीसगढ़ सरकार के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने ‘छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984’ के नियम 38(1) में संशोधन का नया प्रारूप (Draft) जारी किया है। 9 सितंबर 2026 को जारी और 10 सितंबर 2026 को राजपत्र में प्रकाशित इस अधिसूचना के माध्यम से राज्य में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक और कृषि समेत विभिन्न भू-उपयोग श्रेणियों के लिए प्रतिबंधित गतिविधियों की एक नई सूची तय की गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अनियोजित निर्माण और बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाना है।

विशेष सचिव देवेंद्र सिंह भारद्वाज द्वारा जारी इस सूचना के अनुसार, अब भूमि उपयोग श्रेणियों में केवल वही गतिविधियां निषिद्ध मानी जाएंगी जो सरकार की आधिकारिक सूची में शामिल हैं।

विभिन्न भू-उपयोग श्रेणियों में लागू प्रमुख प्रतिबंध:

  • आवासीय क्षेत्र: रिहायशी इलाकों में हरित, नारंगी, लाल एवं नीले श्रेणी के उद्योग, गोदाम, कबाड़खाने, बूचड़खाने, संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, तेल डिपो, गैस गोदाम, ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, पशुपालन, डेयरी, पॉल्ट्री/मछली पालन, खनन और श्मशान या कब्रिस्तान से जुड़ी गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी।

  • वाणिज्यिक क्षेत्र: व्यावसायिक क्षेत्रों में नारंगी, लाल व नीले श्रेणी के उद्योग, खतरनाक या विषाक्त रसायनों का भंडारण, विस्फोटक सामग्री, पशु व पॉल्ट्री पालन, डेयरी, खनन तथा श्मशान/कब्रिस्तान की अनुमति नहीं होगी।

  • औद्योगिक क्षेत्र: यहां पूर्णतः आवासीय टाउनशिप (कर्मचारी आवास व छात्रावास को छोड़कर), स्कूल, संक्रामक रोग अस्पताल, जेल, बड़े परिवहन टर्मिनल, तेल डिपो, गैस गोदाम, डेयरी और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील उपयोग प्रतिबंधित रहेंगे।

  • सार्वजनिक एवं अर्ध-सार्वजनिक क्षेत्र: आवासीय टाउनशिप, भारी वाणिज्यिक गतिविधियां, हरित, नारंगी व लाल श्रेणी के उद्योग, खतरनाक पदार्थों का भंडारण, बूचड़खाने, कबाड़खाने, खनन और गैस गोदाम पूरी तरह निषिद्ध होंगे।

  • परिवहन एवं मनोरंजन क्षेत्र: आवासीय बस्तियां, उद्योग, प्रदूषणकारी व्यावसायिक गतिविधियां, खनन, खतरनाक भंडारण, तेल व गैस डिपो और पशुपालन जैसी गतिविधियां बंद रहेंगी।

  • कृषि क्षेत्र: कृषि भूमि पर आवासीय अभिन्यास (किफायती जन आवास व एकीकृत उपनगर को छोड़कर), कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, बड़ी व्यावसायिक परियोजनाएं, सफेद, हरित, नारंगी व लाल श्रेणी के उद्योग, उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनाएं और बड़े मॉल के निर्माण पर पूर्ण रोक रहेगी।

आपत्ति और सुझाव दर्ज कराने की प्रक्रिया:

यदि किसी नागरिक या संस्था को इस संशोधन प्रारूप पर कोई आपत्ति या सुझाव दर्ज कराना है, तो वे राजपत्र में प्रकाशन की तिथि (10 सितंबर 2026) से 15 दिनों के भीतर अपना आवेदन भेज सकते हैं। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद ही सरकार प्राप्त सुझावों पर अंतिम विचार करेगी।

  • लिखित पता: सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, कक्ष क्रमांक S-2-23, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर।

  • माध्यम: लिखित आवेदन या ई-मेल द्वारा।

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