भिलाई विधायक देवेंद्र यादव प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए शैलेंद्र बंजारे के पक्ष में खुलकर समर्थन जुटा रहे हैं। तो दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का खेमा अपने करीबी प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। सूत्रों के अनुसार बता दे की युवक कांग्रेस चुनाव में विधायक देवेन्द्र यादव नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत एवं दिग्गज कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव के करीब आ गए जबकि यादव को पूर्व मुख्यमंत्री बघेल का करीबी और कट्टर समर्थक माना जाता रहा है… पूरी खबर पढ़े
रायपुर 8 सितंबर Youth Congress Election : छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव के तहत प्रदेश अध्यक्ष पद की वोटिंग से ठीक पहले एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव समिति ने प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में शामिल दो मुख्य दावेदारों—सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे—के नामांकन को तत्काल प्रभाव से होल्ड (रोक) पर रख दिया है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद संगठन के भीतर राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है, वहीं चुनाव नियमों और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

प्राइवेट एजेंसी के जरिए सदस्यता का आरोप
जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, चुनाव समिति के संज्ञान में आया था कि दोनों नेताओं ने प्राइवेट एजेंसी का सहारा लेकर सदस्यता कराई है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) समिति ने इसे चुनाव की आदर्श आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन माना। चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों उम्मीदवारों के नामांकन पर तुरंत रोक लगा दी गई है।
8 सितंबर शाम 7 बजे तक मांगा जवाब
हालांकि, चुनाव समिति ने दोनों नेताओं पर अभी कोई अंतिम दंडात्मक फैसला नहीं लिया है। उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका देते हुए 8 सितंबर की शाम 7 बजे तक लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अब सभी की निगाहें दोनों नेताओं द्वारा दिए जाने वाले जवाब और समिति के अगले कदम पर टिकी हैं।
शुरू से विवादों में रही है चुनाव प्रक्रिया
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के इस संगठनात्मक चुनाव में नामांकन और पात्रता को लेकर लगातार खींचतान देखने को मिल रही है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इससे पहले भी स्क्रूटनी के दौरान कुछ उम्मीदवारों के पर्चे खारिज किए गए थे और कई अन्य दावेदारों के नामांकन रोके गए थे। शिकायतों के समाधान और पारदर्शिता को लेकर प्रत्याशी लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
29 सितंबर तक चलेगी ऑनलाइन वोटिंग
30 अगस्त से शुरू हुई यह ऑनलाइन चुनाव प्रक्रिया 29 सितंबर तक संचालित होगी। तय व्यवस्था के अनुसार, पात्र मतदाता प्रदेश अध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए कुल 6 वोट डाल सकेंगे। अध्यक्ष पद के दो शीर्ष दावेदारों का नामांकन लटकने से चुनाव के अगले चरणों को लेकर हलचल और कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है।
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