रायपुर 1सितंबर 2026 Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नक्सलवाद और उसके वैचारिक समर्थन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नक्सलवाद के समर्थन में बयानबाज़ी करने वाले और सैकड़ों निर्दोषों की हत्या के जिम्मेदार कुख्यात नक्सली हिड़मा को आदर्श मानने वाले लोग ही ‘दिमागी नक्सली’ हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हिंसा करने वालों को नायक के रूप में प्रस्तुत करना और उनके समर्थन में नारे लगाना बस्तर के पीड़ित परिवारों, आम नागरिकों और शहीद जवानों के सर्वोच्च बलिदान का अपमान है। किसी भी सभ्य समाज या लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्दोषों का खून बहाने वालों के महिमामंडन को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
नया छत्तीसगढ़: बंदूक नहीं, कलम और कौशल की राह
छत्तीसगढ़ के बदलते परिदृश्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य अब नक्सलवाद के पीड़ादायक दौर से बाहर निकलकर शांति और विकास की नई राह पर बढ़ चुका है। केंद्र और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षाबलों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद समाप्ति के अंतिम चरण में है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब बदल रही है—जहाँ कभी बारूदी सुरंगों का खौफ था, वहाँ अब स्कूलों की घंटियाँ गूँज रही हैं, सड़कें और अस्पताल बन रहे हैं। बस्तर का युवा अब बंदूक नहीं बल्कि किताब, कौशल और रोजगार चाहता है।
मुख्यमंत्री ने अंत में अपील की कि बस्तर की नई पीढ़ी के आदर्श वे लोग होने चाहिए जो शिक्षा, सेवा और राष्ट्र निर्माण से समाज को दिशा दे रहे हैं, न कि वे जिन्होंने हिंसा के दम पर बस्तर को दशकों तक अंधकार में रखा।








