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जीवा ज्वेलरी के रक्षाबंधन विज्ञापन पर भारी विवाद: कृति सेनन के पहनावे और कुत्ते को राखी बांधने पर छिड़ी बहस, कंगना और राहुल गांधी भी आमने-सामने

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नई दिल्ली Raksha Bandhan Ad Row:  ज्वेलरी ब्रांड ‘जीवा’ (Giva) का रक्षाबंधन पर आधारित एक नया विज्ञापन सोशल मीडिया पर विवादों के घेरे में आ गया है। इस 35 सेकंड के विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन रक्षाबंधन का त्योहार मनाती नजर आ रही हैं। विवाद के मुख्य रूप से दो कारण हैं—पहला, कृति सेनन द्वारा पहना गया डीप-नेक ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज और लहंगा, जिसे कई लोगों ने पारंपरिक त्योहार के लिहाज से अनुपयुक्त बताया; और दूसरा, भाई के साथ-साथ अपने पालतू कुत्ते को भी राखी बांधना।

विवाद बढ़ता देख जीवा ब्रांड ने इस विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म्स से वापस ले लिया है और एक बयान जारी कर माफी मांगी है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था, बल्कि वे अपने पालतू जानवरों को भी परिवार का हिस्सा मानकर प्यार का जश्न मनाना चाहते थे।

विवाद का मुख्य कारण और लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने इस विज्ञापन की कड़े शब्दों में आलोचना की। आलोचकों का मानना था कि पवित्र त्योहार पर इस तरह के पहनावे और विज्ञापन में तिलक या आरती जैसे पारंपरिक रीति-रिवाजों को न दिखाना संस्कृति का अनादर है। कुछ यूजर्स ने तो ब्रांड के बहिष्कार (Boycott) की मांग भी कर दी।

अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत का तंज

इसी बहस के बीच कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपने लंबे विचार लिखे. उन्होंने न कृति सेनन का नाम लिया, न ब्रांड का, लेकिन इशारा साफ़ था.

उन्होंने लिखा, “महिला होने के लिए ये शानदार समय है, हमारी अलमारियां तरह-तरह के कपड़ों से भरी होती हैं, आज की महिला ग्लोबल महिला है, कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा-चोली तक, जींस से लेकर साड़ी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज़ तक. हमारे पास इतने सारे विकल्प हैं, तो फिर आप अपने भाई को राखी बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में क्यों बांधेंगी? आपके बाक़ी स्टाइलिंग विकल्प कहां गए?”

इसी पोस्ट में उन्होंने विज्ञापन को “जानबूझकर असहज” करने वाला बताया.

कृति सेनन का करारा जवाब

विवाद के बीच कृति सेनन ने इस पर अपना पक्ष भी रखा है

कृति सेनन ने इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के ज़रिए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि किसी महिला की संस्कृति के प्रति निष्ठा उसके कपड़ों से नहीं आंकी जानी चाहिए.

उन्होंने लिखा, “त्योहार की असली फ़ीलिंग आपके कपड़ों में नहीं, बल्कि उन परंपराओं में होती है जिन्हें आप दिल से मानते हैं.

रक्षाबंधन सुरक्षा और प्यार का रिश्ता है. मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं. हम एक-दूसरे की रक्षा करने का वादा करते हैं, एक-दूसरे की अच्छी सेहत, खुशी और लंबी उम्र की प्रार्थना करते हैं.”

कुत्ते वाले सीन पर उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह प्यार और प्रार्थना हमारे कुत्ते तक भी जाती है, क्योंकि वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं.”

उन्होंने लिखा, “आख़िर हम महिलाओं को ये बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के साथ पारंपरिक फ़ैशन भी बदला है.लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ़ उसके कपड़ों से क्यों मापा जाता है? कल्चर और ट्रेडिशन उसके दिल में होते हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं.”

राहुल गांधी ने किया कृति सेनन  का समर्थन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृति सेनन के बयान का समर्थन किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर कृति की स्टोरी शेयर करते हुए लिखा कि एक महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है—यह पूरी तरह से उसकी व्यक्तिगत पसंद है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि महिलाओं को उनकी आजादी का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल करना बंद किया जाए। अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने ‘स्मैश द पेट्रियाकी’ का भी जिक्र किया।

निष्कर्ष

ब्रांड द्वारा विज्ञापन हटाए जाने के बावजूद यह बहस अब केवल एक विज्ञापन तक सीमित न रहकर महिलाओं की व्यक्तिगत पसंद, पहनावे और आधुनिकता बनाम परंपरा के बड़े मुद्दे में बदल चुकी है।

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