गुमला (झारखंड) 23 अगस्त ।ओडिशा के पारादीप पोर्ट से उत्तर प्रदेश के लिए निकली एक विशालकाय चीनी मिल मशीन की यात्रा पालकोट पहुंचते-पहुंचते थम गई। 440 पहियों वाले इस महाकाय मालवाहक ट्रॉले को खींच रही ‘वॉल्वो’ (Volvo) गाड़ी अचानक पालकोट के बंगरू (रक्तपानी गांव) के पास तीखे मोड़ पर खराब हो गई। इस वजह से मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया
Advt

चार महीने में तय हुआ आधा सफर
यह विशालकाय काफिला पिछले चार महीनों से यात्रा पर है। भारी-भरकम वजन और मशीन की अत्यधिक लंबाई के कारण यह वाहन प्रतिदिन महज 8 से 10 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाता है। पारादीप से चलकर झारखंड के पालकोट (गुमला जिला) तक पहुंचने में ही इसे 120 दिनों से अधिक का समय लग चुका है।

गांव वालों के लिए बना कौतूहल का केंद्र
एक ही वाहन ढांचे में लगे 440 पहिए और उस पर लदी विशालकाय चीनी बनाने वाली मशीन को देखने के लिए रक्तपानी और आसपास के गांवों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों के लिए यह दृश्य किसी अजूबे से कम नहीं था। लोग इस अनोखी गाड़ी की एक झलक पाने और तस्वीरें लेने के लिए मुख्य सड़क पर एकत्र हो गए।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, दूसरे इंजन का इंतजार
बीच सड़क पर ट्रॉला खराब होने की सूचना मिलते ही पालकोट पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने बड़े वाहनों के रूट को डाइवर्ट कर बसिया रोड की तरफ से निकाला, जिससे आवागमन को सुचारू रखा जा सके।
वाहनों के कर्मचारियों ने बताया कि वॉल्वो गाड़ी का इंजन खराब होने की जानकारी तुरंत संबंधित कंपनी को दे दी गई है। दूसरी बैकअप वॉल्वो गाड़ी रास्ते में है। नए इंजन के पहुंचते ही इसे ट्रॉले से जोड़कर उत्तर प्रदेश की आगे की यात्रा पर रवाना कर दिया जाएगा।








