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अवैध कटाई पर बेखबर मंत्री जी! अधिकारियों को फटकार, क्या वन विभाग छिपा रहा है सच?

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 कोरबा 21 अगस्त

 छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के कोरबा दौरे के दौरान उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय स्तर पर चल रही लकड़ी तस्करी, अवैध पेड़ कटाई और अतिक्रमण की शिकायतों पर उन्होंने नाराजगी जताई। टीपी नगर स्थित अशोक वाटिका में पौधारोपण के बाद जब पत्रकारों ने वन विभाग में जारी कथित गड़बड़ियों पर सवाल पूछे, तो मंत्री को कई गंभीर मामलों की जानकारी तक नहीं थी। इस पर मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर  क्लास ली

ऑन-कैमरा अधिकारियों से जवाब-तलब

पत्रकारों के सवालों का गोलमोल जवाब मिलने पर वन मंत्री ने सीसीएफ बिलासपुर मनोज कुमार पांडेय से ऑन-कैमरा ही पूछ लिया कि “इन सब की जानकारी आपको है या नहीं? जानकारी क्यों नहीं है, मुझे पूरी रिपोर्ट पेश करिए।” मंत्री के सख्त तेवर देखकर वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने साफ कहा कि लकड़ी तस्करी, अतिक्रमण या किसी भी अवैध गतिविधि को शह देने वालों पर जांच के बाद सख्त कार्रवाई होगी।

किन मामलों पर घिरे अधिकारी?

  • साल लकड़ी की तस्करी: कोरबा पूर्व (CSEB कॉलोनी) से काटी गई साल की लकड़ी को विभागीय डिपो में जमा करने के बजाय रायपुर भेजे जाने का आरोप है। इस मामले में सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज है, लेकिन वन विभाग के किसी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई।

  • बालको रेंज का विवाद: बालको रेंज में अवैध कटाई और अतिक्रमण को लेकर रेंजर के खिलाफ उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने खुद वन मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी। आश्चर्यजनक रूप से इस पत्र और शिकायत की जानकारी भी मंत्री तक नहीं पहुंचाई गई थी।

हाथी-मानव द्वंद्व और पर्यटन विकास पर चर्चा

  • गज संकेत ऐप के नतीजे: मंत्री कश्यप ने बताया कि हाथी-प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत ऐप’ से ग्रामीणों को रियल-टाइम अलर्ट मिल रहा है। इससे मानव-हाथी संघर्ष में मृत्यु दर में 50 से 60 प्रतिशत की कमी आई है। सफलता को देखते हुए इसे पूरे राज्य में लागू किया गया है।

  • पर्यटन की संभावनाएं: बुका और सतरेंगा जैसे पर्यटन स्थलों को और बेहतर बनाने की योजना है। इसके अलावा फुटका पहाड़ पर पर्यटन की संभावनाओं को तराशने के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोल ब्लॉक कटाई पर कांग्रेस को चुनौती

 कोल  ब्लॉक के लिए पेड़ों की कटाई के सवाल पर वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी मंजूरियां पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दी गई थीं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “कांग्रेस नेता मंच पर आ जाएं, आमने-सामने बैठकर चर्चा करें, मैं जवाब देने के लिए तैयार हूं।” मंत्री   केदार कश्यप ने पूरे मामले की जांच के आदेश देते हुए पीसीसीएफ (PCCF) अरुण पांडेय को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इस मौक पर महापौर  संजू देवी राजपूत , भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल  मोदी , पूर्व महापौर जोगेश लांबा , हीरानंद अग्रवाल   उपस्थित थे।

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