Latest News
कोरबा में धूमधाम से मना छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026, विकास की उपलब्धियों और समृद्ध संस्कृति का दिखा संगम नाथद्वारा: श्रीनाथजी मंदिर में “श्री लाल गोविंद मंडान” का शुभारंभ, मर्जादी वैष्णवों के लिए निःशुल्क महाप्रसाद की व्यवस्था शुरू आत्मसम्मान से समझौता नहीं! सिंगर दलेर मेहंदी विवाद पर बोले मंत्री सुबोध उनियाल- ‘इस्तीफा दे दूंगा, पर माफी नहीं मांगूंगा’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराया भीषण चक्रवात ‘मुरासु’, 120 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हवाएं; ओडिशा-पुडुचेरी में अलर्ट धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण टिप्पणी पर गर्माई राजनीति: दिग्विजय बोले ‘मूर्ख’, बघेल का कटाक्ष- ‘रेबीज की जांच हो’ रायपुर: श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल ने पार किया 45 हजार बाल शल्य चिकित्सा का ऐतिहासिक आंकड़ा, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जताई खुशी
Home » राजनीति » RSS विवाद पर बी.एल. संतोष का पलटवार: ‘संगठन रजिस्ट्रेशन से नहीं, लाखों लोगों के भरोसे से चलता है’

RSS विवाद पर बी.एल. संतोष का पलटवार: ‘संगठन रजिस्ट्रेशन से नहीं, लाखों लोगों के भरोसे से चलता है’

Share:

 

भारत को आजादी केवल नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से तोहफे में नहीं मिली : बी.एल. संतोष

बेंगलुरु / नई दिल्ली: RSS Registration Controversy : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे के बयान पर तीखा हमला बोला है। ‘हिंदू जागरण वेदिके’ द्वारा आयोजित ‘अखंड भारत संकल्प दिवस’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS को अपना अस्तित्व साबित करने के लिए किसी सरकारी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह संगठन दशकों से लाखों लोगों के अटूट विश्वास के बल पर काम कर रहा है।

Advt

स्वतंत्रता संग्राम और रजाकारों के इतिहास का जिक्र

बी.एल. संतोष ने स्वतंत्रता संग्राम में क्रांतिकारियों के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि भारत को आजादी केवल नमक सत्याग्रह या चरखा चलाने से तोहफे में नहीं मिली, बल्कि मदन लाल ढींगरा, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे हजारों देशभक्तों के बलिदान से हासिल हुई है।

प्रियांक खरगे को इतिहास की याद दिलाते हुए बीजेपी नेता ने दावा किया कि हैदराबाद के रजाकारों के अत्याचारों के कारण मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार को अपना गांव छोड़कर गुलबर्गा (कलबुर्गी) भागना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उस समय रजाकारों का मुकाबला RSS के कार्यकर्ताओं ने ही किया था।

हिंदू आबादी और ‘अखंड भारत’ का विजन

संतोष ने अपने संबोधन में जनसांख्यिकी (Demographic) बदलावों पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस भी क्षेत्र में हिंदू आबादी घटती है, वहां देश से जुड़ाव की भावना कमजोर होने लगती है और देश-विरोधी तत्व पनपने लगते हैं। उन्होंने बेंगलुरु की शिवाजीनगर और चामराजपेट सीटों का उदाहरण देते हुए राजनीतिक दलों को चुनौती दी कि वे वहां से हिंदू उम्मीदवार मैदान में उतारें।

उन्होंने ‘अखंड भारत’ के विचार को एक सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी सपना बताते हुए कहा कि यह कोई असंभव लक्ष्य नहीं है। पूर्वी और पश्चिमी जर्मनी के एकीकरण, वियतनाम तथा इज़राइल का उदाहरण देते हुए उन्होंने आह्वान किया कि देश के हर नागरिक को अखंड भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए।