“समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण ही हमारी प्राथमिकता है, ताकि कोरबा और आसपास के क्षेत्रवासियों को जल्द से जल्द अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।” — श्री श्याम बिहारी जायसवाल
भुलसीडीह स्थित स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण
कोरबा | 13 अगस्त: प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज कोरबा के भुलसीडीह में निर्माणाधीन स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने संपूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति, मास्टर प्लान और आगामी कार्ययोजनाओं का बारीक जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी और अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि सभी कार्य युद्ध स्तर पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं और तकनीकी मानकों व गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।

प्रमुख बिंदु एवं निर्देश:
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चरणबद्ध समीक्षा: मंत्री श्री जायसवाल ने फेज-01 एवं फेज-02 के तहत हो रहे निर्माण कार्यों की अलग-अलग समीक्षा की और दोनों चरणों के बचे हुए कार्यों को तय समय में निपटाने के निर्देश दिए।
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अत्याधुनिक सुविधाएं: उन्होंने परिसर में बन रहे गर्ल्स व बॉयज हॉस्टल, डायनिंग एरिया, पार्किंग, इनडोर स्टेडियम और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया।
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नर्सिंग कॉलेज का कार्य शीघ्र शुरू हो: प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज की प्रगति पर चर्चा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को इसका निर्माण जल्द से जल्द प्रारंभ करने के आदेश दिए।
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हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिसर: मेडिकल कॉलेज को एक स्वच्छ और सुखद माहौल देने के लिए मंत्री जी ने कलेक्टर को वृहद स्तर पर पौधरोपण की विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मौजूद प्रमुख अधिकारी
इस दौरे में मंत्री जी के साथ प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे:
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श्री अमित कटारिया (सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा)
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श्री संजीव झा (प्रबंध निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन)
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श्री कुणाल दुदावत (कलेक्टर, कोरबा)
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डॉ. के. के. सहारे (डीन, मेडिकल कॉलेज)
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डॉ. यू. एस. पैकरा एवं डॉ. गोपाल कँवर सहित अन्य संबंधित अधिकारी।
समन्वय और मॉनिटरिंग पर जोर: मंत्री श्री जायसवाल ने अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने, नियमित मॉनिटरिंग रखने और निर्माण में आने वाली किसी भी बाधा का त्वरित निवारण करने की ताकीद की।








