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बच्चों में मोटापे और डायबिटीज पर लगाम कसने के लिए जंक फूड पर लग सकता है ‘हेल्थ टैक्स’

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ICMR का कड़ा कदम

नई दिल्ली:  Child Health : देश में बच्चों के बीच तेजी से बढ़ रहे मोटापे और डायबिटीज की समस्या को रोकने के लिए ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान ने एक बड़ा प्रस्ताव दिया है। इसके तहत चिप्स, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक्स और पैक्ड स्नैक्स जैसी अनहेल्दी चीजों पर विशेष ‘हेल्थ टैक्स’ (सिन टैक्स) लगाया जा सकता है। नीति आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में वर्तमान में 4.1 करोड़ बच्चे ओवरवेट हैं, जिससे निपटने के लिए यह 5 सूत्रीय कार्ययोजना तैयार की गई है।

क्या-क्या होंगे मुख्य बदलाव?

  • महंगा होगा जंक फूड: तंबाकू और शराब की तर्ज पर ज्यादा फैट, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों पर टैक्स बढ़ाया जाएगा, जिससे जंक फूड महंगे और हेल्दी विकल्प सस्ते हो सकें।

  • विज्ञापनों पर सख्त पाबंदी: बच्चों को लुभाने के लिए कार्टून कैरेक्टर्स का इस्तेमाल और भ्रामक ‘हेल्दी’ टैग वाले विज्ञापनों पर रोक लगेगी।

  • पैकेजिंग पर वार्निंग लेबल: हर पैकेट के सामने बड़े अक्षरों में शुगर, फैट और सोडियम की मात्रा साफ शब्दों में लिखनी होगी।

  • स्कूल कैंटीन का ऑडिट: स्कूलों और उनके आसपास जंक फूड की बिक्री प्रतिबंधित होगी और स्कूल अपनी कैंटीन का हेल्थ स्कोर जारी करेंगे।

  • आयुष्मान भारत से जुड़ाव: इस पूरे अभियान को ‘आयुष्मान भारत – स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम’ से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को जागरूक करने के लिए कॉमिक बुक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

यूनिसेफ (UNICEF), डब्ल्यूएचओ (WHO) और एफएसएसएआई (FSSAI) की साझेदारी वाले इस नए प्लान के बाद एफएमसीजी (FMCG) और फूड कंपनियों को अपनी पैकेजिंग, मार्केटिंग और कीमतों में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।

2030 तक बिगड़ेंगे हालात

इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर बच्चों में मोटापे की समस्या को कंट्रोल नहीं किया गया, तो साल 2030 तक दुनियाभर में बच्चों में मोटापे के 11% मामले सिर्फ भारत में होंगे। साथ ही, यह भी पता चला है कि अभी देश में बीमारियों का 56.4% बोझ सिर्फ खराब खान-पान की वजह से है।

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