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बस्तर दशहरा 2026: ‘पाटजात्रा’ की पहली रस्म से जुड़ी खास बातें, बैलगाड़ी से लाई गई रथ निर्माण की लकड़ी

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बस्तर दशहरा 2026: ‘पाटजात्रा’ की पहली रस्म से जुड़ी खास बातें, बैलगाड़ी से लाई गई रथ निर्माण की लकड़ी

बस्तर 11 अगस्त Bastar festival : विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा महापर्व की पहली रस्म ‘पाटजात्रा’ का शुभारंभ हो चुका है। परंपरा और निष्ठा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए ग्राम बिलोरी के ग्रामीणों ने इस बार ट्रैक्टर के बजाय बैलगाड़ी से रथ निर्माण के लिए साल की विशेष लकड़ी (ठुरलु खोटला) जगदलपुर पहुंचाई है।

प्रमुख बिंदु:

  • परंपरा की वापसी: पिछले 10 वर्षों से यह लकड़ी ट्रैक्टर से लाई जा रही थी, लेकिन इस साल ग्रामीणों ने पुरानी परंपरा का पालन करते हुए 7 किलोमीटर की लंबी दूरी बैलगाड़ी से तय की।

  • ठुरलु खोटला की स्थापना: लगभग 6 फीट लंबी और 3 फीट परिधि वाली इस विशेष लकड़ी को मां दंतेश्वरी मंदिर के सिंह द्वार के सामने स्थापित किया गया है।

  • पहला चरण: स्थानीय बोली में ‘ठुरलु खोटला’ कहे जाने वाले इस तड़ से रथ निर्माण के लिए विशालकाय हथौड़ा (औजार) बनाया जाएगा।

प्रमुख तिथियां (बस्तर दशहरा 2026 कार्यक्रम):

तिथि पूजा विधान / कार्यक्रम
12 अगस्त पाट जात्रा पूजा विधान (रथ निर्माण की पहली लकड़ी की पूजा)
24 सितंबर डेरी गड़ाई पूजा विधान
10 अक्टूबर काछनगादी पूजा विधान
11 अक्टूबर कलश स्थापना पूजा विधान
12 अक्टूबर जोगी बैठाई पूजा विधान
13 – 18 अक्टूबर नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा
18 अक्टूबर बेल पूजा / फूल रथ परिक्रमा
19 अक्टूबर महाअष्टमी पूजा, निशा जात्रा पूजा
20 अक्टूबर कुंवारी पूजा, जोगी उठाई, मावली परघाव
21 अक्टूबर भीतर रैनी पूजा, रथ परिक्रमा
22 अक्टूबर कुम्हड़कोट पूजा, रथ यात्रा पूजा
23 अक्टूबर काछन जात्रा, मुरिया दरबार
24 अक्टूबर कुटुंब जात्रा, गंगामुंडा पूजा, विदाई पूजा
27 अक्टूबर मां दंतेश्वरी, दंतेवाड़ा की विदाई पूजा (परायण)

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