पटना 2 अगस्त : बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखींद्र पासवान की जनसुनवाई में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सीतामढ़ी से पहुंचे एक फरियादी ने मंत्री के सामने ही आरोपी कर्मचारी से फोन पर बात कराई, जिसमें उसने एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाले अनुदान के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली। लाइव कॉल पर रिश्वत की बात सामने आते ही मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को एक घंटे के भीतर निलंबित करने का आदेश दिया।
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जनसुनवाई के दौरान हुआ बड़ा खुलासा
सीतामढ़ी जिले के रहने वाले कमलेश पासवान अपनी फरियाद लेकर मंत्री लखींद्र पासवान की शनिवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे थे। पीड़ित ने आरोप लगाया कि एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत मिलने वाले सरकारी अनुदान को जारी करने के एवज में उससे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
मंत्री के सामने ऑन-स्पीकर हुई बातचीत
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने मामले की मौके पर ही सच्चाई परखने का फैसला किया। उन्होंने पीड़ित से आरोपी कर्मचारी को तुरंत फोन मिलाने को कहा। फरियादी ने जैसे ही कॉल मिलाया और लाउडस्पीकर ऑन किया, उधर से विभाग के डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार ने बिना किसी झिझक के फिर से 50 हजार रुपये की मांग दोहरा दी। मंत्री और वहां मौजूद तमाम अधिकारियों के सामने लाइव कॉल पर खुलेआम घूस मांगने का यह दुस्साहस देखकर सभी हैरान रह गए।
मंत्री का सख्त तेवर: एक घंटे के भीतर सस्पेंड करने के निर्देश
रिश्वतखोरी का लाइव सबूत मिलते ही मंत्री लखींद्र पासवान का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने तुरंत सीतामढ़ी के जिला कल्याण अधिकारी (DWO) को फोन लगाया और पूछा कि “चंदन कुमार कौन है?”
अधिकारी द्वारा डाटा एंट्री ऑपरेटर बताए जाने पर मंत्री ने बेहद कड़े लहजे में निर्देश दिए:
“मेरे सामने 50 हजार रुपये मांगने की रिकॉर्डिंग हुई है। उसे 1 घंटे के भीतर सस्पेंड कीजिए, वरना आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
पीड़ित को मिला न्याय का भरोसा
घटना के बाद पूरे कल्याण विभाग में अफरा-तफरी मच गई है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने पीड़ित कमलेश पासवान को आश्वस्त किया कि उन्हें पूरा न्याय मिलेगा और बिना किसी रुकावट के उनके खाते में अनुदान की राशि भेजी जाएगी।
प्रमुख बिंदु
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घटनास्थल: पटना (बिहार सरकार की जनसुनवाई)
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मामला: एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम अनुदान के नाम पर रिश्वतखोरी
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आरोपी: चंदन कुमार (डाटा एंट्री ऑपरेटर, सीतामढ़ी)
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कार्रवाई: मंत्री के निर्देश पर एक घंटे के भीतर निलंबन की कार्रवाई की।








