रायपुर 30 जुलाई [Crop Insurance] : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में खरीफ मौसम के दौरान बागवानी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से बचाने के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का संचालन किया जा रहा है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) जिला प्रशासन और उद्यान विभाग द्वारा जिले के किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित बागवानी फसलों का बीमा कराने की विशेष अपील की गई है।

इन 7 प्रमुख फसलों को किया गया है शामिल
सहायक संचालक उद्यान करण सोनकर ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत कुल सात प्रमुख बागवानी फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें निम्नलिखित फसलें हैं:
📍टमाटर📍बैंगन📍मिर्च📍अदरक📍केला📍पपीता📍अमरूद
किन आपदाओं से मिलेगा सुरक्षा कवच?
इस योजना के तहत बेमौसम बारिश, अधिक या कम वर्षा, तापमान में असामान्य उतार-चढ़ाव, तेज हवाएं, आर्द्रता (नमी), तथा प्रतिकूल मौसम के कारण पनपने वाले कीटों व रोगों से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) मुआवजे की पूरी राशि वैज्ञानिक मौसम आंकड़ों के आधार पर तय की जाएगी।
बीमित राशि और प्रीमियम विवरण
योजना का लाभ ऋणी और अऋणी (दोनों तरह के) किसान उठा सकते हैं। किसानों को संबंधित फसल की निर्धारित बीमित राशि का 5% हिस्सा प्रीमियम के रूप में जमा करना होगा:
| क्रम | फसल का नाम | प्रति हेक्टेयर बीमित राशि |
|---|---|---|
| 1. | अदरक | ₹1,50,000 |
| 2. | टमाटर | ₹1,20,000 |
| 3. | पपीता | ₹87,000 |
| 4. | केला | ₹85,000 |
| 5. | बैंगन | ₹77,000 |
| 6. | मिर्च | ₹68,000 |
| 7. | अमरूद | ₹45,000 |
आवेदन करने की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
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अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026
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माध्यम: किसान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, लोक सेवा केंद्रों (CSC) और एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया द्वारा विकासखंड स्तर पर नियुक्त प्रतिनिधियों से संपर्क करके भी बीमा कराया जा सकता है।
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपनी फसलों का बीमा करवाएं ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।








