Bastar Tourism : मानसून की पहली फुहार के साथ ही छत्तीसगढ़ का बस्तर एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं लग रहा है। बादलों की लुकाछिपी, सघन हरियाली और पहाड़ों से उतरते झरनों की कलकल आवाज ने यहाँ की वादियों में जान फूंक दी है। देश-विदेश के सैलानी प्रकृति के इस भव्य और दिव्य रूप को अपनी आँखों में बसाने के लिए खींचे चले आ रहे हैं।

इंद्रावती की गर्जना: 90 फीट की ऊँचाई से गिरता “मिनी नियाग्रा” चित्रकोट
जिला मुख्यालय जगदलपुर से महज 38 किलोमीटर दूर स्थित चित्रकोट जलप्रपात इस समय अपने पूरे शबाब पर है। मानसून की आमद के साथ ही इंद्रावती नदी का यह विशाल रूप देखते ही बनता है:
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रौद्र और मनमोहक सौंदर्य: लगभग 90 फीट की ऊँचाई से गिरते पानी की गर्जना और चारों तरफ उड़ती ठंडी जलफुहारें सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं।
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रोमांचक बोटिंग: पर्यटक पानी के बीचों-बीच बोटिंग का लुत्फ उठाते हुए इस प्राकृतिक चमत्कार को बेहद करीब से निहार रहे हैं।
तीरथगढ़: हरियाली, पहाड़ों और झरनों का अद्भुत संगम
जगदलपुर से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तीरथगढ़ जलप्रपात बादलों और हरियाली के आंचल में छिपा हुआ किसी नगीने की तरह चमक रहा है:
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जीवंत वादियां: पहाड़ियों की सीढ़ियों से उतरता दूधिया पानी और चारों तरफ फैली गहरी हरियाली इस जगह को फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्ग बनाती है।
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सुकून के पल: झरनों की फुहारों और पक्षियों की चहचहाहट के बीच पर्यटक यहाँ घंटों बैठकर प्रकृति के संगीत का आनंद ले रहे हैं।
सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध
बस्तर के इन प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी लोग पहुँच रहे हैं। प्रशासन और वन विभाग द्वारा सैलानियों की सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं:
विशेष सुरक्षा प्रबंध: पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट, बैरिकेडिंग और प्रशिक्षित गाइडों की तैनाती की गई है, ताकि हर कोई सुरक्षित रूप से इस प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सके।
एक नजर में बस्तर यात्रा की मुख्य बातें:
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चित्रकोट जलप्रपात: जगदलपुर से 38 किमी (ऊँचाई: 90 फीट, उपनाम: “मिनी नियाग्रा”)
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तीरथगढ़ जलप्रपात: जगदलपुर से 35 किमी (पहाड़ियों और हरियाली के बीच स्थित)
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भ्रमण का सबसे सही समय: जुलाई से सितंबर (मानसून का वह दौर जब प्रपात अपने चरम सौंदर्य पर होते हैं)
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मुख्य आकर्षण: विशाल जलप्रपात, रोमांचक बोटिंग, फोटोग्राफी और समृद्ध आदिवासी संस्कृति।
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