‘लीक गैंग’ की खैर नहीं, मोदी सरकार ला रही है कड़ा कानून
नई दिल्ली 24 जुलाई: देश के लाखों स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के चेहरे पर छाई चिंता को दूर करने के लिए केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है। पेपर लीक कराने वाले माफियाओं पर नकेल कसने के लिए अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात देश के युवाओं के नाम एक बेहद खास संदेश जारी करते हुए साफ कर दिया—“पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है, यह लाखों सपनों से खिलवाड़ है!”
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अब सरकार एक ऐसा चक्रव्यूह रच रही है, जिसे भेदना किसी भी पेपर माफिया के बस की बात नहीं होगी।
कैबिनेट से संसद तक: माफिया पर चलेगा कानूनी हथौड़ा
प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि दोषियों को बख्शने का अब कोई चांस नहीं है। इस सख्त कानून का नया ड्राफ्ट (मसौदा) तैयार हो चुका है:
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फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन: मुकदमों को सालों-साल लटकाने के बजाय ‘सुपरफास्ट’ रफ्तार से इंसाफ होगा।
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कठोरतम सजा: पेपर लीक में शामिल मास्टरमाइंड से लेकर छोटे मोहरों तक, सभी के लिए सख्त से सख्त सजा का प्रावधान होगा।
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शुक्रवार को कैबिनेट की मुहर: केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा, जिसके बाद आगामी संसद सत्र के दूसरे सप्ताह में इसे बिल के रूप में पास कराने की तैयारी है।
2.5 महीने, ताबड़तोड़ एक्शन और 22 लाख छात्रों का भविष्य सुरक्षित
माफियाओं की धरपकड़ और छात्रों के भरोसे को वापस लाने के लिए सरकार ने पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए हैं:
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सख्त कार्रवाई: धांधली में शामिल प्रमुख माफिया और दोषी सलाखों के पीछे पहुँचाए जा चुके हैं।
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साल बचाने पर ज़ोर: पीएम मोदी ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किसी छात्र का एक साल भी बर्बाद न हो।
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रिकॉर्ड टाइम में परीक्षा: करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षा तुरंत दोबारा आयोजित की गई और 19 जुलाई को NEET का रिजल्ट भी घोषित कर दिया गया।
“हमारी प्राथमिकता छात्रों का समय और उनकी मेहनत बचाना है। पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों युवाओं और उनके माता-पिता को जो दर्द दिया है, अब उसे हमेशा के लिए खत्म करने का वक्त आ गया है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री








