जब खदान का ‘सर्वर’ गया पिकनिक पर और सड़क बन गई ट्रकों की पार्किन… जानिए कैसे 12 घंटे तक थम गया ‘ऊर्जाधानी’ का दिल!
कोरबा 21 जुलाई । अगर आप दुनिया की सबसे बड़ी खदानों में से एक कुसमुंडा के आसपास रहते हैं, तो बधाई हो! आपको किसी एमुजमेंट पार्क के ‘हॉरर हाउस’ का टिकट लेने की जरूरत नहीं है।
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सोमवार की शाम से मंगलवार की सुबह तक कुसमुंडा-दीपका मार्ग पर जनता के लिए “बैठे-बैठे क्या करें, करना है कुछ काम… चलो मनाएं रातभर सड़क पर महाजाम” प्रतियोगिता का नि:शुल्क आयोजन किया गया।

जाम के ‘चार स्तंभ’: जिनके भरोसे चल रहा है सिस्टम!
इस ऐतिहासिक महाजाम को सफल बनाने में निम्नलिखित ‘महान शक्तियों’ का विशेष योगदान रहा:
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महानुभाव ‘सर्वर जी’: थोड़ी सी बारिश क्या हुई, खदान का सर्वर साहब भी कम्बल ओढ़कर सो गए। कांटा-घर बंद, तो ट्रकों ने कहा— “हम भी यहीं तंबू गाड़ लेते हैं!”
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कछुआ चाल प्रोजेक्ट: इमलीछापर से कुचेना मोड़ तक बन रही फोरलेन सड़क पिछले 2 साल से इतनी ‘धीरे’ बन रही है कि कछुआ भी इसे देखकर संन्यास ले ले।
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लक्ष्मण नाला का ‘डायट वाला’ पुल: यह पुल इतना संकरा (स्लिम) है कि मानों इसे जीरो-फिगर बनाए रखने की कसम खिलाई गई हो। एक बार में एक ही भारी वाहन निकल सकता है, बाकी सब लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करें।
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रेलवे फाटक का ‘अनंत प्रेम’: फाटक बंद होने का समय ऐसा मानों बंद हुआ तो खुलना ही भूल गया!
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स्कूली बच्चों की अपील

जब ‘विराट कोहली’ के प्रशंसकों को बनना पड़ा ट्रैफिक पुलिस!
प्रशासनिक अमला जब तक यह तय कर पाता कि जाम का जिम्मेदार कौन सा विभाग है, तब तक विकास नगर जेआरसी मैदान में क्रिकेट खेल रहे हमारे देश के युवाओं ने बल्ला-गेंद किनारे रखा।
युवाओं ने सोचा— “मैदान में फील्डिंग करने से अच्छा है, आज सड़क पर ट्रकों की फील्डिंग सेट की जाए!” विश्व हिंदू परिषद के साथ मिलकर युवाओं की टोली सड़क पर उतरी। जो काम भारी-भरकम बजट वाली पुलिस नहीं कर पाई, उसे आधा दर्जन ‘क्रिकेटरों’ ने 3 घंटे की मशक्कत से कर दिखाया और बेतरतीब खड़े ट्रकों को अनुशासन सिखाकर एम्बुलेंस और स्कूल बसों को रास्ता दिलवाया।
जनता की खरी-खरी:
“साहब! यह कोरबा ‘ऊर्जाधानी’ है, यहाँ बिजली बनती है, कोयला निकलता है… बस एक चीज़ नहीं बनती, वो है सड़क और ओवरब्रिज! सरकार को चाहिए कि ट्रैफिक पुलिस की जगह सुबह-सुबह क्रिकेट खेल रहे लड़कों को ही स्थायी ड्यूटी पर रख ले, कम से कम रास्ता तो समय पर खुल जाएगा!”
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