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कोरबा से रायपुर तक अवैध लकड़ी तस्करी का बड़ा खुलासा: 1 गिरफ्तार, क्रेन व लकड़ी जब्त; कई सवाल खड़े

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कोरबा: कोरबा जिले में अवैध लकड़ी तस्करी के एक बड़े मामले का भंडाफोड़ हुआ है। वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना सिविल लाइन रामपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज किया और एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में शुरू हुई इस जांच में तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर बड़ा खुलासा हुआ है।

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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इमारती लकड़ी का अवैध परिवहन कोरबा से रायपुर और अभनपुर क्षेत्र तक किया जा रहा था। पुलिस और संबंधित टीम की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में इमारती लकड़ी और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही एक क्रेन को जब्त किया गया है।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

मामले में मुख्य आरोपी सुनील कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित तरीके से लगातार जारी है।

विभाग की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक व वन विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं:

  • क्या वन विभाग की निगरानी व्यवस्था कमजोर थी? इतनी भारी मात्रा में लकड़ी का परिवहन बिना साठगांठ या लापरवाही के संभव कैसे हुआ?

  • भंडारण व परिवहन के स्तर पर चूक: क्या चेकिंग पॉइंट्स और चेकिंग पोस्ट्स पर मुस्तैदी की कमी थी?

  • नेटवर्क के आका कौन? क्या इस मामले में कुछ और रसूखदार या जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने आएगी?

पुलिस का बयान:

“मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इस अवैध नेटवर्क में शामिल हर छोटे-बड़े व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

अब क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक मोहरे (सुनील गुप्ता) तक ही सिमट कर रह जाएगी या फिर लकड़ी तस्करी के इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होगा।

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