[Horrific Incident in Raipur: Bodies of 5 Family Members Recovered from a House] रायपुर, छत्तीसगढ़ 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संजय नगर इलाके (मदनी चौक) में शुक्रवार की देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक ही घर के भीतर से एक ही परिवार के 5 सदस्यों के शव बरामद किए गए। इस हृदयविदारक घटना की खबर हवा की तरह पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस खौफनाक और दुखद घटना के बाद से पूरे पड़ोस और स्थानीय निवासियों में गहरा शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
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मृतकों में 3 मासूम बच्चे शामिल, मुखिया का शव फंदे पर मिला
पुलिस प्रशासन से मिली शुरुआती और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान घर के मुखिया साजिद अली (50 वर्ष), उनकी पत्नी राबिया बानो , दो बेटियों और एक बेटे के रूप में हुई है। इस घटना में तीन बच्चों की भी मौत हुई है, जिनकी उम्र इस प्रकार है:📍बेटा सैयद इरशाद अली: 19 साल📍बड़ी बेटी शाहिना : 17 साल📍छोटी बेटी शबा : 16 साल
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घर के मुखिया साजिद अली का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया है। वहीं, उनकी पत्नी और तीनों बच्चों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बिस्तर पर पड़े मिले। पुलिस की प्रथम दृष्टया आशंका है कि साजिद अली ने पहले अपनी पत्नी और बच्चों को जहर दिया या उन्होंने सामूहिक रूप से जहर का सेवन किया, और उसके बाद साजिद ने खुद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। हालांकि, मौत के सही कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।
8 महीने पहले ही आए थे किराए के मकान में
स्थानीय निवासियों और पड़ोसियों से पूछताछ में सामने आया है कि साजिद अली अपने पूरे परिवार के साथ करीब 8 महीने पहले ही मकान मालिक जहीर के घर में किराए पर रहने आए थे। पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार की शाम से ही उनके घर का दरवाजा अंदर से पूरी तरह बंद था।
शुक्रवार को दिनभर और फिर देर रात तक जब घर में कोई हलचल महसूस नहीं हुई और न ही किसी ने दरवाजा खोला, तो पड़ोसियों को किसी अनहोनी का गहरा शक हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तत्काल टिकरापारा थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा तोड़ा, तो भीतर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया।
आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते होता था विवाद
पुलिस की शुरुआती जांच और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, साजिद अली मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग (मरम्मत) का काम करता था। पिछले कुछ समय से उसका काम ठीक नहीं चल रहा था और परिवार गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
बताया जा रहा है कि परिवार पर कुछ भारी कर्ज (लोन) भी था, जिसकी वसूली के लिए बैंकों या फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट अक्सर उनके घर आते थे। इस भारी कर्ज और तंगहाली की वजह से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद और मानसिक तनाव रहने की बात भी सामने आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि इसी आर्थिक मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने यह आत्मघाती कदम उठाया।
FSL टीम जांच में जुटी, पुलिस की अफवाहों से बचने की अपील
घटना की गंभीरता को देखते हुए सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक्सपर्ट टीम खोजी कुत्तों के साथ मौके पर पहुंच गई। FSL टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट्स, संदिग्ध दवाइयां और घटना से जुड़े तमाम साक्ष्यों व सामानों को अपने कब्जे में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बेहद बारीकी और गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी शवों को पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि विसरा विश्लेषण रिपोर्ट और फॉरेंसिक (FSL) जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक और सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इस संवेदनशील मामले को देखते हुए रायपुर पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी तरह की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें शेयर करें। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और जल्द ही जांच पूरी कर घटना की वास्तविक वजह सबके सामने लाई जाएगी।
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