45 वर्षों की गौरवशाली परंपरा में उमड़ा जनसैलाब, कर्मा नृत्य ने मोहा सबका मन
मुख्य आकर्षण
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भव्य आयोजन: उत्कल भारती समिति, बालकोनगर द्वारा आयोजित।
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मुख्य सहभागिता: बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) श्री निकेत श्रीवास्तव ने सपत्नीक व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की पूजा-अर्चना।
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यात्रा मार्ग: राम मंदिर से प्रारंभ होकर रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर तक।
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विशेष प्रस्तुति: छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति की झलक बिखेरते कर्मा नृत्य दल का शानदार प्रदर्शन।
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उत्सव की अवधि: 16 जुलाई से 24 जुलाई तक प्रतिदिन विशेष अनुष्ठान और महाप्रसाद वितरण।
बालकोनगर 16 जुलाई। आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता के अनूठे संगम के साथ बालकोनगर में भगवान जगन्नाथ की पावन रथयात्रा बेहद हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। उत्कल भारती समिति द्वारा आयोजित इस रथयात्रा में बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) श्री निकेत श्रीवास्तव सहित प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और हजारों की संख्या में नगरवासी भक्तिभाव से शामिल हुए।
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वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भाई बलभद्र को सुसज्जित रथ पर विराजमान किया गया। श्री निकेत श्रीवास्तव ने भगवान का आशीर्वाद लिया और श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ खींचकर इस पुनीत परंपरा का हिस्सा बने। ‘जय जगन्नाथ’ के गगनभेदी जयघोष के बीच रथयात्रा आगे बढ़ी। यात्रा के आगे चल रहे कर्मा नृत्य दल की मनमोहक प्रस्तुति, पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप और मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
यह भव्य रथयात्रा राम मंदिर से शुरू होकर नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची, जहां भगवान की विधिवत स्थापना की गई। आयोजन समिति ने बताया कि 16 जुलाई से 24 जुलाई तक गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
बता दें कि बालकोनगर में पिछले 45 वर्षों से जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। यह भव्य उत्सव अब केवल एक धार्मिक आयोजन न रहकर, इस क्षेत्र की सामाजिक समरसता और सामुदायिक सहभागिता का एक मजबूत प्रतीक बन चुका है।




