रायपुर, 15 जुलाई 2026 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राज्य विधानसभा में बस्तर संभाग की बदलती तस्वीर और नक्सलवाद के उन्मूलन पर एक ऐतिहासिक वक्तव्य दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दशकों तक नक्सल हिंसा की विभीषिका झेलने वाला बस्तर अब शांति, सुरक्षा और विश्वास के एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के अभूतपूर्व सहयोग से प्रदेश ने इस गंभीर चुनौती पर निर्णायक सफलता हासिल की है।
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शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला पुलिस बल और सभी विशेष सुरक्षा इकाइयों के समर्पण और व्यावसायिक दक्षता की जमकर सराहना की।
## नक्सल उन्मूलन के लिए बनी समयबद्ध कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास आधारित दोहरी रणनीति अपनाई है।
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केंद्रीय समन्वय: केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा अभियानों की सतत समीक्षा की गई और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए।
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24 अगस्त 2024 की ऐतिहासिक बैठक: रायपुर में आयोजित नक्सल प्रभावित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) की उच्च स्तरीय बैठक के बाद नक्सलवाद के समूल नाश के लिए एक समयबद्ध और ठोस कार्ययोजना तैयार की गई, जिसके परिणामस्वरूप आज बस्तर में नक्सल बैकफुट पर हैं।
## ‘बस्तर रोडमैप 2.0’: समावेशी विकास का नया खाका
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति का अभियान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार बस्तर को देश का अग्रणी जनजातीय संभाग बनाने के लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के तहत काम कर रही है।
बहुआयामी सेवा केंद्र: बस्तर में बने सुरक्षा शिविरों को अब ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। ये शिविर अब नागरिक सुविधाओं, जनसेवाओं और आजीविका गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
### ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’
प्रशासन पर जनता का विश्वास बहाल करने के लिए इन दोनों अभियानों के तहत 31 योजनाओं एवं 14 सामुदायिक सुविधाओं को संतृप्तिकरण (100% सेचुरेशन) मोड में लागू किया जा रहा है।
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प्रभाव: इससे 5 हजार 542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
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सुरक्षा कैंपों का दायरा: सुरक्षा कैंपों के 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 525 गांवों में 17 विभागों की 43 व्यक्तिगत और सामुदायिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है।
## बस्तर संभाग में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रमुख आंकड़े
संभाग के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत बड़े पैमाने पर उपलब्धियां हासिल हुई हैं:
| योजना / सेवा | कुल लाभार्थी / प्रगति |
|---|---|
| जनधन खाते | 17 लाख खाते खोले गए |
| राशन कार्ड | 6 लाख 79 हजार परिवारों के कार्ड निर्मित |
| आयुष्मान कार्ड | 22 लाख नागरिकों के कार्ड जारी |
| किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) | 3 लाख 89 हजार किसानों के कार्ड बने |
| प्रधानमंत्री आवास योजना | 1 लाख 76 हजार आवास स्वीकृत |
| विशेष आवास (प्रभावितों/आत्मसमर्पितों हेतु) | 15 हजार आवास स्वीकृत |
| वनाधिकार पत्र | 1 लाख 18 हजार व्यक्तिगत पत्र प्रदान |
| आधार कार्ड | 24 लाख 66 हजार लोगों के कार्ड जारी |
## शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे का पुनरुद्धार
1. शिक्षा की वापसी
नक्सल हिंसा के कारण बस्तर संभाग के 240 गांवों में जो स्कूल बंद हो गए थे, उन्हें सरकार ने दोबारा शुरू किया है।
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पूर्व में बंद पड़े 458 विद्यालयों में से 421 विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू कर दिया गया है।
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दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों के लिए 36 नए विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं।
2. डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
3. कनेक्टिविटी और अधोसंरचना का विस्तार
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रेलवे: 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर काम तेजी से जारी है।
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हवाई सेवा: जगदलपुर में हवाई सेवाओं का विस्तार कर कनेक्टिविटी को सुधारा गया है।
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एक्सप्रेस-वे: रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे का निर्माण अंतिम चरण में है, जो बस्तर को देश के बड़े आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों से जोड़ेगा।
## मुख्यधारा में लौटने के लिए मानवीय पुनर्वास नीति
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने वाले लोगों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद व्यापक और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता, भूमि, कौशल विकास प्रशिक्षण और स्वरोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए बस्तर के सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र चलाए जा रहे हैं।
हाल ही में आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे सांस्कृतिक व खेल आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की सहभागिता रही, जिसने बस्तर के सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक एकजुटता को एक नया आसमान दिया है।
मुख्यमंत्री ने इस पूरी लड़ाई में गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव के योगदान की भी सराहना की और दोहराया कि बस्तर अब केवल आधारभूत सुविधाओं ही नहीं, बल्कि समृद्धि और आत्मसम्मान की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।








