रायपुर 15 जुलाई : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में उस वक्त दिलचस्प स्थिति बन गई, जब विपक्ष के बजाय सत्ता पक्ष के ही एक वरिष्ठ विधायक ने सरकार को घेर लिया। भाजपा विधायक भईया लाल राजवाड़े ने जल जीवन मिशन के तहत हो रहे कार्यों की प्रगति और उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए।
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विधायक राजवाड़े ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक भईया लाल राजवाड़े ने जल जीवन मिशन को लेकर विभागीय मंत्री के सामने सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने पूछा:
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ग्रामीण इलाकों में नल कनेक्शन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता (Quality) जांच किस तरह की जा रही है?
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क्या विभाग के अधिकारियों द्वारा जमीनी स्तर पर जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया गया है?
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यदि कार्यों में लापरवाही या कमी पाई गई है, तो दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
डिप्टी सीएम अरुण साव ने दिया जवाब
विधायक के तीखे सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री अरुण साव ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि:
“जल जीवन मिशन के कार्यों में पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए विभाग पूरी तरह गंभीर है। विभागीय स्तर पर लगातार निरीक्षण और जांच की प्रक्रिया चल रही है। जहां भी गड़बड़ी या कमी की शिकायत मिल रही है, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।”
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। सत्ता पक्ष के विधायक द्वारा ही इस पर सवाल उठाए जाने के बाद अब योजना की निगरानी और जमीनी हकीकत को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।








