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राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को लेकर गृह मंत्रालय के कड़े निर्देश, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

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नई दिल्ली 11 जुलाई: देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बेहद महत्वपूर्ण और सख्त कदम उठाया है। मंत्रालय ने देश में राष्ट्रगान (जन गण मन) और राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) को गाने और बजाने से जुड़े प्रोटोकॉल को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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यह आदेश सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों व विभागों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए भेजा गया है।

9 जुलाई का आधिकारिक पत्र: क्या हैं नए नियम?

गृह मंत्रालय द्वारा 9 जुलाई को जारी किए गए इस आधिकारिक पत्र में नियमों की पूरी सूची को फिर से दोहराया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में होने वाली किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति को समाप्त करना है।

मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से वर्गीकृत किया है कि:

  • अनिवार्य अवसर: किन-किन विशेष और आधिकारिक अवसरों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को अनिवार्य रूप से गाया या बजाया जाएगा।

  • वैकल्पिक अवसर: कहाँ पर इनकी प्रस्तुति को वैकल्पिक (Optional) रखा जा सकता है।

नया प्रोटोकॉल: पहले ‘वंदे मातरम’, फिर ‘जन गण मन’

मंत्रालय ने अपने आदेश में उस परंपरा और नियम को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है, जिसे लेकर अक्सर कार्यक्रमों में असमंजस देखा जाता था।

मंत्रालय का स्पष्ट आदेश: “जब भी किसी सरकारी या गैर-सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा हो, तो हमेशा राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) पहले गाया या बजाया जाएगा। इसके ठीक बाद राष्ट्रगान (जन गण मन) की प्रस्तुति होगी।”

राज्य गीतों (State Songs) को लेकर भी भ्रम दूर

देश के कई राज्यों का अपना एक आधिकारिक ‘राज्य गीत’ है। इस पर स्थिति साफ करते हुए गृह मंत्रालय ने कहा कि यदि किसी राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राज्य गीत गाया जा रहा है, तो भी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के क्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। राज्य गीत के बाद भी पहले राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) और फिर अंत में राष्ट्रगान (जन गण मन) की तय व्यवस्था का ही पालन करना होगा।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं: शुद्ध उच्चारण और सही लय अनिवार्य

इस नए निर्देश में जिस बात पर सबसे कड़ा रुख अपनाया गया है, वह है उच्चारण की शुद्धता। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

  • सटीक पाठ और लय: इन्हें गाते समय शब्दों का सही पाठ, तय लय (Tuning) और शुद्ध उच्चारण बिल्कुल सटीक होना चाहिए।

  • वेबसाइट पर उपलब्ध है सही ऑडियो/टेक्स्ट: आम जनता, शिक्षण संस्थानों और आयोजकों की मदद के लिए गृह मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दोनों का एकदम सही पाठ और शुद्ध उच्चारण (ऑडियो/टेक्स्ट) अपलोड कर दिया है।

  • जमीनी स्तर पर कड़ाई: सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक संगठनों को ये नियम तुरंत भेजें और जमीनी स्तर पर इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।

एक नजर में मुख्य दिशा-निर्देश

विषय गृह मंत्रालय का नया निर्देश
प्रस्तुति का क्रम पहले राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम), फिर राष्ट्रगान (जन गण मन)।
राज्य गीत की स्थिति राज्य गीत के बावजूद राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का क्रम नहीं बदलेगा।
शुद्धता का मानक शब्दों का गलत उच्चारण या लय में लापरवाही पूरी तरह प्रतिबंधित।
आधिकारिक गाइड सही उच्चारण और पाठ MHA की वेबसाइट पर उपलब्ध।

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