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मेरे यहाँ लाइट नहीं, तो पूरे शहर की बत्ती गुल करो!” साहब का ‘तुगलकी फरमान’, बिजली कर्मी को धमकाने का आरोप

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जनता में भारी आक्रोश और हंगामा

सतना/चित्रकूट 30 मई। मध्य प्रदेश के सतना जिले की धर्मनगरी चित्रकूट से ‘VIP कल्चर’ और पद के दुरुपयोग का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहाँ एक न्यायिक दंडाधिकारी (Judicial Magistrate) पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद की धौंस दिखाते हुए पूरे इलाके की बिजली जबरन गुल करवा दी। इस घटना के बाद भीषण गर्मी से परेशान स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जमकर हंगामा किया।

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क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चित्रकूट इलाके में बीती रात बिजली सप्लाई बाधित हो गई थी। घंटों तक बिजली न आने से परेशान और पसीने से तर-बतर लोग जब इसकी शिकायत करने और कारण जानने बिजली सब-स्टेशन पहुँचे, तो वहाँ मौजूद बिजलीकर्मी का जवाब सुनकर सभी सन्न रह गए।

बिजली कर्मी का सनसनीखेज खुलासा

गुस्साई भीड़ के सामने बिजली विभाग के कर्मचारी ने अपनी मजबूरी बयां करते हुए बताया कि तकनीकी खराबी (या फॉल्ट) की वजह से इलाके की बिजली नहीं काटी गई है, बल्कि इसे एक ‘साहब’ के दबाव में बंद किया गया है। कर्मचारी ने आरोप लगाया कि स्थानीय मजिस्ट्रेट साहब ने उसे धमकाया और जबरदस्ती पूरे इलाके की पावर सप्लाई बंद करवा दी।

बिजलीकर्मी के मुताबिक, जज साहब का तर्क था कि “जब मेरे आवास पर लाइट नहीं है, तो बाकी किसी के घर में भी बिजली नहीं होनी चाहिए। सबकी लाइट बंद करो!” कर्मचारी ने बताया कि नौकरी जाने और कार्रवाई के डर से उसे मजबूरन फीडर से पूरे इलाके की बिजली काटनी पड़ी।

जनता में भारी आक्रोश और हंगामा

जैसे ही यह बात आग की तरह फैली, स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। लोगों ने मजिस्ट्रेट के इस ‘तुगलकी फरमान’ और तानाशाही रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि न्याय के आसन पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह कानून और नियमों को ताक पर रखकर आम जनता को प्रताड़ित करना बेहद शर्मनाक है।

फिलहाल, इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और लोग इस घटना की उच्च स्तरीय जाँच तथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन और वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

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