पुणे/पिंपरी-चिंचवड 30 मई : महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड औद्योगिक बेल्ट से एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। पिछले तीन दिनों के भीतर यहां अवैध और जहरीली शराब (Hooch Tragedy) पीने से कम से कम 15 लोगों की जान चली गई है। इस घटना ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। वहीं, कई अन्य पीड़ित अभी भी विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
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घटना का विस्तार:
अस्पतालों में मची चीख-पुकार पिछले तीन दिनों में पुणे और पिंपरी-चिंचवड के अलग-अलग इलाकों से अचानक कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की शिकायतें आनी शुरू हुईं। पीड़ित उल्टी, पेट दर्द, आंखों की रोशनी धुंधली होने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। देखते ही देखते मौतों का आंकड़ा बढ़ने लगा और अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। गंभीर रूप से बीमार कई मरीजों को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है, जिससे मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
लालच ने ली 15 की जान: ‘मेथेनॉल’ का हुआ था इस्तेमाल पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक बेहद चौंकाने वाला और खौफनाक सच सामने आया है। शराब माफियाओं ने चंद रुपयों का अधिक मुनाफा कमाने के लालच में अवैध शराब के स्टॉक में घातक औद्योगिक अल्कोहल ‘मेथेनॉल’ (Methanol) मिला दिया था। मेथेनॉल एक बेहद जहरीला रसायन है, जिसका सेवन मानव शरीर के लिए जानलेवा साबित होता है। इसी मिलावट के कारण यह शराब जहर में तब्दील हो गई।
प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई इस भीषण कांड के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन और राज्य आबकारी विभाग (State Excise Department) पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है।
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छापेमारी और गिरफ्तारियां: पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमों ने अवैध शराब के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
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मुख्य सरगना सहित 8 अरेस्ट: इस त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने अवैध शराब के इस काले धंधे के मुख्य सरगना सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके।
जांच CID के हवाले मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने स्थानीय पुलिस से जांच लेकर तत्काल प्रभाव से इस पूरे कांड की तफ्तीश राज्य अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी है। CID अब इस बात की गहराई से जांच करेगी कि औद्योगिक इस्तेमाल वाला मेथेनॉल इन शराब तस्करों तक कैसे पहुंचा और इस पूरे सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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