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छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक संकट: नायब तहसीलदार से मारपीट के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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सारंगढ़/रायपुर 30 मई : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से शुरू हुआ एक प्रशासनिक विवाद अब पूरे प्रदेश में फैल गया है। सरगुजा जिले के राजपुर उपतहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ हुई कथित बदसलूकी और मारपीट की घटना के विरोध में राज्य के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज से अनिश्चितकालीन ‘कामबंद-कलमबंद’ हड़ताल पर चले गए हैं।

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यह आंदोलन छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के बैनर तले शुरू किया गया है, जिसका व्यापक असर सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित राज्य के सभी जिलों में देखने को मिल रहा है।

विधायक और समर्थकों पर मारपीट का आरोप

संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि इस घटना में क्षेत्रीय विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थक शामिल थे। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। संघ का साफ कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ कड़ी और उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह प्रदेशव्यापी हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

आंदोलनकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार लगातार बेहद कठिन और विषम परिस्थितियों में अपने प्रशासनिक दायित्वों को निभाते हैं। संघ ने अपनी मजबूरियां गिनाते हुए कहा:

  • जोखिम भरे कार्य: अतिक्रमण हटाने, जमीनी कब्जा दिलाने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न आंदोलनों व रैलियों के दौरान मजिस्ट्रेट ड्यूटी जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियां उन्हें संभालनी पड़ती हैं।

  • सुरक्षा का अभाव: इतनी गंभीर जिम्मेदारियों के बावजूद अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया नहीं कराई जाती है।

  • आदेशों की अनदेखी: संघ के अनुसार, पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक इसका प्रभावी पालन नहीं हो सका है, जिससे अधिकारियों में असुरक्षा की भावना गहरी हो गई है।

आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर

राजस्व अधिकारियों की इस बेमियादी हड़ताल के कारण पूरे छत्तीसगढ़ में जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण, बंटवारा, जाति-निवास प्रमाण पत्र बनाने और कानून-व्यवस्था से जुड़े तमाम राजस्व व प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप होने की आशंका है। संघ ने राज्य सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और फील्ड में तैनात अधिकारियों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।

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