तारापुर (मुंगेर) 27 अप्रैल 2026 :
बिहार में इन दिनों अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त अभियान चल रहा है, लेकिन रविवार को मुंगेर के तारापुर में जो हुआ, उसने सबको हैरान कर दिया। जब प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटाने निकली, तो उनके निशाने पर किसी आम आदमी का नहीं, बल्कि प्रदेश के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का ही घर आ गया। देखते ही देखते सीएम के पैतृक आवास की सीढ़ियों को जमींदोज कर दिया गया।
Advt

इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज थी कि मुख्यमंत्री की क्या प्रतिक्रिया होगी, लेकिन सम्राट चौधरी ने जो किया, उसने एक नई मिसाल पेश कर दी है।
“सरकारी जमीन है तो गिरना ही होगा”
रविवार (26 अप्रैल, 2026) को तारापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने खुद इस वाकये का जिक्र किया। उन्होंने बिना किसी नाराजगी के दो टूक कहा:
“मुझे खबर मिली कि तारापुर में प्रशासन मेरे घर की सीढ़ियां तोड़ रहा है। मैंने स्पष्ट कह दिया है कि अगर जमीन निजी है तो कोई समस्या नहीं, लेकिन अगर घर का कोई भी हिस्सा सरकारी जमीन पर बना है, तो उसे ध्वस्त होना ही होगा। नियम सबके लिए बराबर हैं और उसे कोई बचा नहीं सकता।”
विकसित बिहार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने जनता के बीच साफ किया कि उनका लक्ष्य ‘सुंदर और विकसित बिहार’ बनाना है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य को व्यवस्थित करना है, तो इसकी शुरुआत खुद से और अपने घर से ही होनी चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों की भी सराहना की और भरोसा दिलाया कि बिहार के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
तारापुर से खास लगाव
भावुक होते हुए सीएम ने कहा कि तारापुर की धरती ने ही उन्हें पहली बार विधायक बनाकर पहचान दी और आज इसी क्षेत्र के आशीर्वाद से वे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। उनके इस कड़े लेकिन न्यायपूर्ण रुख की क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है।
🔴







