Home » Uncategorized » दंतेवाड़ा और कांकेर जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए मई से कानूनी लड़ाई शुरू करेगा आदिवासी विकास परिषद

दंतेवाड़ा और कांकेर जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए मई से कानूनी लड़ाई शुरू करेगा आदिवासी विकास परिषद

Share:

कोरबा 26 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश अध्यक्ष के. आर. शाह ने कोरबा में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन और प्रशिक्षण शिविर के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने परिषद के छह सूत्रीय कार्यक्रम के पहले एजेंडे—”बेगुनाह आदिवासी विचाराधीन बंदियों की रिहाई”—पर हुई प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की।

Advt

जेलों में बंदियों के आंकड़े श्री शाह ने बताया कि परिषद द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, दंतेवाड़ा जेल में वर्तमान में 520 आदिवासी विचाराधीन बंदी हैं, जो वर्ष 2016 से मार्च 2026 के बीच जेल भेजे गए हैं। इसी तरह, कांकेर जेल में 152 पुरुष और 159 महिला आदिवासी बंदी विचाराधीन हैं, जो वर्ष 2020 से मार्च 2026 तक की अवधि से कैद में हैं।

मई 2026 से शुरू होगी न्यायिक प्रक्रिया परिषद के विधि सलाहकार वर्तमान में इन सभी मामलों की कानूनी समीक्षा कर रहे हैं। श्री शाह ने स्पष्ट किया कि परिषद सबसे पहले दंतेवाड़ा जिला जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई के लिए मई 2026 से औपचारिक रूप से न्यायालयीन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

आदिवासी सूचना क्रांति: पहली वेबसाइट का शुभारंभ आदिवासी समाज को डिजिटल युग से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 मई को अम्बिकापुर में आयोजित संभाग स्तरीय सम्मेलन में परिषद की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया जाएगा। श्री शाह के अनुसार, यह आदिवासी समाज की पहली ऐसी वेबसाइट होगी जिसमें समुदाय से संबंधित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे ‘आदिवासी सूचना क्रांति’ में मील का पत्थर बताया।

Advt

कार्यकर्ता प्रशिक्षण पर जोर कोरबा में आयोजित शिविर के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि परिषद अपने कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें समाज सेवा के लिए तैयार कर रही है। आने वाले समय में इसी तरह के प्रशिक्षण शिविर प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉक स्तर पर आयोजित किए जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर सामाजिक कार्यों को गति दी जा सके।

।।

Leave a Comment