सूरजपुर (छत्तीसगढ़):
कहते हैं कि जुआ किस्मत का खेल है, लेकिन सूरजपुर में तो पुलिस वालों की किस्मत ही दगा दे गई। कुमेली के घने जंगलों में जब जुआरी ‘नहले पर दहला’ मार रहे थे, तब शायद साइबर सेल के सूरमाओं को लगा होगा कि जंगल में मोर नाचा, किसने देखा? पर अफसोस, ज़माना डिजिटल है और एक अदद वायरल वीडियो ने पुलिसिया ‘मौन व्रत’ की पोल पट्टी खोल दी।
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जंगल, जुआ और जनता का ‘सिनेमा’
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को देखकर ऐसा लग रहा था मानो जंगल में कोई सरकारी मेला लगा हो। पुलिस की नाक (जो शायद सर्दी की वजह से बंद थी) के नीचे इतना बड़ा आयोजन हो रहा था कि खुद कुबेर भी शरमा जाएं। लोग पूछ रहे थे कि क्या पुलिस को वहां तक जाने का रास्ता नहीं मिला या फिर रास्ते में ‘गुड़’ की डली इतनी मीठी थी कि अधिकारी वहीं रुक गए?
आईजी साहब का ‘जैकपॉट’ और पुलिसकर्मियों का ‘नुकसान’
जब आईजी साहब ने वीडियो देखा, तो उन्होंने भी देर नहीं की और पुलिसकर्मियों की ‘मेहनत’ का इनाम तुरंत दे दिया। साइबर सेल प्रभारी समेत 7 बहादुरों को सस्पेंड कर दिया गया है। अब ये पुलिसकर्मी घर बैठकर आराम से यह हिसाब लगा सकते हैं कि जंगल में जुआरियों की ‘गड्डी’ गरम थी या आईजी साहब का ‘गुस्सा’।
खाकी की ‘निगरानी’ या ‘मेहरबानी’?
स्थानीय लोगों का तो पहले से ही कहना था कि यहां अपराधियों को ‘फूलों’ की तरह पाला जाता है। इस कार्रवाई के बाद अब विभाग में हड़कंप है। खैर, अब देखना यह होगा कि इस निलंबन के बाद विभाग की ‘सर्विस’ सुधरती है या फिर अगले किसी जंगल में नए ‘पत्ते’ फेंटे जाने का इंतज़ार होगा।








