Latest News
सूरजपुर: जंगल में मंगल कर रहे थे जुआरी, पर ‘खाकी’ की किस्मत का पत्ता ही कट गया! खून से सनी STF कॉलोनी: आरोपी महिला पुलिस हिरासत में, आरक्षक की गैर-मौजूदगी में घर को बनाया कत्लखाना : 🚩 IIT प्रोफेसर की ‘चाणक्य नीति’ अब बीजेपी के साथ: ‘आप’ के मास्टरमाइंड का बड़ा धमाका!.. छत्तीसगढ़ में क्यों मची है हलचल? कोरबा में स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल: शिवाय हॉस्पिटल और CSEB में करार, अब दिल की जांच भी होगी आसान, 2D ECHO सुविधा शुरू  छत्तीसगढ़ में पेपर लीक और नकल माफियाओं की खैर नहीं: नया सख्त कानून लागू, 10 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान लोकतंत्र की जीत: पश्चिम बंगाल चुनाव में 92% ऐतिहासिक मतदान पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई खुशी
Home » छत्तीसगढ़ » सूरजपुर: जंगल में मंगल कर रहे थे जुआरी, पर ‘खाकी’ की किस्मत का पत्ता ही कट गया!

सूरजपुर: जंगल में मंगल कर रहे थे जुआरी, पर ‘खाकी’ की किस्मत का पत्ता ही कट गया!

Share:

सूरजपुर (छत्तीसगढ़):

कहते हैं कि जुआ किस्मत का खेल है, लेकिन सूरजपुर में तो पुलिस वालों की किस्मत ही दगा दे गई। कुमेली के घने जंगलों में जब जुआरी ‘नहले पर दहला’ मार रहे थे, तब शायद साइबर सेल के सूरमाओं को लगा होगा कि जंगल में मोर नाचा, किसने देखा? पर अफसोस, ज़माना डिजिटल है और एक अदद वायरल वीडियो ने पुलिसिया ‘मौन व्रत’ की पोल पट्टी खोल दी।

Advt

जंगल, जुआ और जनता का ‘सिनेमा’

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को देखकर ऐसा लग रहा था मानो जंगल में कोई सरकारी मेला लगा हो। पुलिस की नाक (जो शायद सर्दी की वजह से बंद थी) के नीचे इतना बड़ा आयोजन हो रहा था कि खुद कुबेर भी शरमा जाएं। लोग पूछ रहे थे कि क्या पुलिस को वहां तक जाने का रास्ता नहीं मिला या फिर रास्ते में ‘गुड़’ की डली इतनी मीठी थी कि अधिकारी वहीं रुक गए?

आईजी साहब का ‘जैकपॉट’ और पुलिसकर्मियों का ‘नुकसान’

जब आईजी साहब ने वीडियो देखा, तो उन्होंने भी देर नहीं की और पुलिसकर्मियों की ‘मेहनत’ का इनाम तुरंत दे दिया। साइबर सेल प्रभारी समेत 7 बहादुरों को सस्पेंड कर दिया गया है। अब ये पुलिसकर्मी घर बैठकर आराम से यह हिसाब लगा सकते हैं कि जंगल में जुआरियों की ‘गड्डी’ गरम थी या आईजी साहब का ‘गुस्सा’।

खाकी की ‘निगरानी’ या ‘मेहरबानी’?

स्थानीय लोगों का तो पहले से ही कहना था कि यहां अपराधियों को ‘फूलों’ की तरह पाला जाता है। इस कार्रवाई के बाद अब विभाग में हड़कंप है। खैर, अब देखना यह होगा कि इस निलंबन के बाद विभाग की ‘सर्विस’ सुधरती है या फिर अगले किसी जंगल में नए ‘पत्ते’ फेंटे जाने का इंतज़ार होगा।

Leave a Comment