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मिशन मोड में SECL: सीएमडी हरीश दुहन ने गेवरा, दीपका और कुसमुंडा खदानों में संभाला मोर्चा

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 SECL CMD Inspections Mine Operations: देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने अपनी कमर कस ली है। रविवार को एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों—गेवरा, दीपका और कुसमुंडा (GDK)—का तूफानी दौरा किया।

इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के बावजूद कोयला उत्पादन और डिस्पैच (आपूर्ति) को निर्बाध बनाए रखना और आगामी मानसून के लिए पुख्ता तैयारी करना रहा।

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मैदानी रणनीति: फ्लाईओवर से लेकर पार्किंग स्टैंड तक पैनी नजर

दीपका क्षेत्र में सीएमडी ने तीनों मेगाप्रोजेक्ट्स के महाप्रबंधकों और विभाग प्रमुखों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान रोड सेल के माध्यम से होने वाले कोयला परिवहन में आ रही बाधाओं पर चर्चा हुई।

  • यातायात सुदृढ़ीकरण: उन्होंने थाना चौक और निर्माणाधीन फ्लाईओवर का बारीकी से निरीक्षण किया।

  • सुव्यवस्थित डिस्पैच: ट्रकों के लिए पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था का जायजा लिया ताकि शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और कोयला निकासी भी तेज हो सके।

खदानों में ‘एक्शन’ मोड: उत्पादन बढ़ाने पर जोर

गेवरा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सीएमडी ने खदान के एग्जिट बैरियर और कोल इवैक्यूएशन रूट का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क मार्ग से होने वाले डिस्पैच को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।

  • तकनीकी समीक्षा: कोल हैंडलिंग प्लांट (CHP) और बेल्ट क्लीनिंग सिस्टम की कार्यक्षमता परखी गई।

  • ओबी रिमूवल: खदानों में 42 क्यूम और 16 क्यूम शॉवेल के कार्यक्षेत्र का जायजा लेते हुए डिपार्टमेंटल ओबी (ओवरबर्डन) उत्पादन बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।

मानसून की तैयारी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

कुसमुंडा क्षेत्र में नीलकंठ पैच का निरीक्षण करते हुए सीएमडी ने उत्पादन गतिविधियों की समीक्षा की। साथ ही, गेवरा रोड-कुसमुंडा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज और अंडरपास के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए इसे समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

सीएमडी का संदेश: “उत्पादन और डिस्पैच में दक्षता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरी टीम को बेहतर योजना और समन्वय के साथ काम करना होगा ताकि देश की बिजली घरों को कोयले की कमी न हो।”


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