कोरबा 11 अप्रैल। जिले के विकास कार्यों में गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले तकनीकी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। दस अप्रैल को पाली विकासखंड के औचक निरीक्षण पर निकले कलेक्टर उस वक्त भड़क गए जब उन्होंने करोड़ों की लागत से बन रहे सरकारी भवनों में घटिया निर्माण और अमानक सामग्री का इस्तेमाल देखा।
Advt

मौके पर ही ‘ऑन द स्पॉट’ एक्शन
ग्राम पंचायत लाफा में डीएमएफ (DMF) मद से निर्मित किए जा रहे चिकित्सक आवास के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि भवन में लगाए गए दरवाजे, प्लंबिंग और सेनेटरी फिटिंग्स तकनीकी प्राक्कलन (TS) के मानकों के बिल्कुल विपरीत हैं। इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के एसडीओ और सब-इंजीनियर की क्लास ली। कलेक्टर ने स्पष्ट आदेश दिया कि जितनी भी अमानक फिटिंग्स और दरवाजे लगाए गए हैं, उन्हें तत्काल तोड़कर हटाया जाए और शासन द्वारा निर्धारित उच्च मानकों के अनुसार नई फिटिंग की जाए।
नवनिर्मित भवनों में सीपेज देख जताई चिंता
आश्चर्य की बात यह रही कि जो भवन अभी पूरी तरह बनकर तैयार भी नहीं हुए हैं, उनमें कई जगह सीलन (सीपेज) और दरारें नजर आईं। कलेक्टर ने पुताई की गुणवत्ता को भी घटिया बताते हुए इसे दोबारा डबल लेयर पुट्टी के साथ बेहतर फिनिशिंग देने को कहा।
जेमरा और पाली में भी मिलीं खामियां
-
जेमरा: उप स्वास्थ्य केंद्र की ढलाई में खामी मिलने पर कलेक्टर ने उसे तोड़कर दोबारा ढालने का निर्देश दिया।
-
पाली कॉलेज: कॉन्फ्रेंस हॉल के निर्माण में देरी पर कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता को ठेकेदार के खिलाफ नोटिस जारी करने और कार्यस्थल पर मजदूरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
- Advt

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पहली प्राथमिकता है। यदि भविष्य में भी ऐसी लापरवाही मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पाली एसडीएम रोहित सिंह सहित अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
Advt









