Latest News
‘ यह मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस है…’ जब नॉर्वेजियन पत्रकार ने पूछा मानवाधिकार पर सवाल, तो IFS सिबी जॉर्ज ने 5000 साल के इतिहास से दिया करारा जवाब! ⚡ ‘छोटू उस्ताद’ का महातूफान: 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, तोड़ डाला 19 साल पुराना IPL रिकॉर्ड! रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला: विशाखापत्तनम SCoR को मिला सीधा PPO जारी करने का अधिकार, पेंशनर्स को मिलेगी राहत अमित शाह से मिलने जा रहे कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने रोका, मिताली चौक पर जमकर हुआ हंगामा शर्मनाक: गाजियाबाद में रेप के आरोपी को जमानत मिलने पर समर्थकों ने निकाला ‘जुलूस’, गाड़ियों के काफिले के साथ किया भव्य स्वागत बस्तर में ‘लाल आतंक’ का अंत : अमित शाह ने किया नक्सल-मुक्त भारत का शंखनाद, आदिवासियों के लिए बड़े डेयरी नेटवर्क की घोषणा
Home » राजनीति » बंगाल चुनाव: बीजेपी के संकल्प पत्र पर अभिषेक बनर्जी का बड़ा हमला, बताया ‘चिट फंड’

बंगाल चुनाव: बीजेपी के संकल्प पत्र पर अभिषेक बनर्जी का बड़ा हमला, बताया ‘चिट फंड’

Share:

West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बीजेपी का ‘संकल्प पत्र’ (घोषणा पत्र) जारी किए जाने के बाद, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बीजेपी के वादों की तुलना चिट फंड और पोंजी स्कीम से करते हुए उन्हें पूरी तरह मूल्यहीन बताया।

Advt

मुख्य बिंदु:

  • वादों पर सवाल: अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बीजेपी के वादे चिट फंड की तरह हैं जिनका कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने बेरोजगारों और महिलाओं को 3,000 रुपये मासिक भत्ते के वादे को एक नया ‘जुमला’ करार दिया।

  • केंद्रीय एजेंसियों का आरोप: TMC नेता ने आरोप लगाया कि पहले बीजेपी ने केंद्रीय एजेंसियों के जरिए बंगाल पर नियंत्रण की कोशिश की और अब आर्थिक प्रलोभन के जरिए लोगों को लुभा रही है।

  • माफी की मांग: बनर्जी ने कहा कि घोषणा पत्र जारी करने से पहले अमित शाह को विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान राज्य के लोगों को हुए उत्पीड़न के लिए माफी मांगनी चाहिए थी।

  • पुराने वादों की याद: उन्होंने काले धन और जीएसटी का उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी पुराने वादे भुला चुकी है और अब लोगों के मूल अधिकार छीनने में लगी है।

  • स्वास्थ्य साथी बनाम आयुष्मान भारत: आयुष्मान भारत योजना को बंगाल में लागू न करने पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना बेहतर है क्योंकि इसमें आयुष्मान भारत की तरह कठिन शर्तें नहीं हैं और यह शत-प्रतिशत लोगों को कवर करती है।


Leave a Comment