डीएफसी रेलवे लाइन पर हुआ हादसा; शिनाख्त न होने से पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
इटावा 2 जून । उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सोमवार देर रात एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ घमुरिया गांव के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) रेलवे लाइन पर एक महिला अपने करीब डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे को गोद में लेकर मालगाड़ी के आगे कूद गई। इस घटना में महिला की मौके पर ही कटकर मौत हो गई, जबकि उसका बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
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पहचान छिपाने की कोशिश? पास में नहीं मिला कोई दस्तावेज
सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस के मुताबिक:
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मृतका की उम्र लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच लग रही है।
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महिला के पास से कोई मोबाइल फोन, पहचान पत्र या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला है जिससे उसकी पहचान हो सके।
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पुलिस आसपास के थानों, पड़ोसी जिलों और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर महिला की शिनाख्त की कोशिश कर रही है।
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शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
“महिला की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के जिलों से संपर्क साधा गया है और सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है। पहचान होने के बाद ही इस आत्मघाती कदम की असली वजह सामने आ सकेगी।” — विक्रम सिंह, प्रभारी निरीक्षक
भावुक कर देने वाला मंजर: पुलिस ने मृत समझा, पर चल रही थीं सांसें
हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति और पुलिसकर्मी की आंखें नम कर दीं। मालगाड़ी की टक्कर के बाद मासूम बच्चा दर्द से तड़पते हुए काफी देर तक रोता रहा और फिर ट्रैक के किनारे ही रोते-रोते सो गया।
जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो बच्चा बिल्कुल शांत और बेसुध पड़ा था। शुरुआत में पुलिसकर्मियों को लगा कि हादसे में बच्चे की भी जान जा चुकी है। लेकिन तभी मौके पर पहुंची एंबुलेंस टीम ने जब बच्चे का परीक्षण किया, तो उसकी सांसें चल रही थीं। बच्चे को जीवित पाकर पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया मासूम
सिर में गंभीर चोट होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को जिला अस्पताल से सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। फिलहाल अस्पताल में पुलिसकर्मी ही एक अभिभावक की तरह बच्चे की देखभाल और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हैं।








