“क्रिकेट के भगवान भले ही मैदान पर चौके-छक्के लगाते हों, लेकिन उनकी फैमिली तो बिलासपुर की गलियों में ‘खामोशी’ से सेवा का छक्का मार गई। न ढोल, न नगाड़े और न ही वीआईपी टशन… इसे कहते हैं असली ‘भारत रत्न’ संस्कार!”
बिलासपुर (छत्तीसगढ़): भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर का परिवार बुधवार को अचानक छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचा। सचिन की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, उनकी बेटी सारा तेंदुलकर और उनके छोटे बेटे अर्जुन तेंदुलकर की मंगेतर सानिया चंडोक ने जिले के गनियारी स्थित प्रसिद्ध ‘जन स्वास्थ्य सहयोग’ (JSS) केंद्र का दौरा किया। तेंदुलकर परिवार की इस यात्रा को बेहद गोपनीय रखा गया था।

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मैरियट में रुकने के बाद सीधे गनियारी रवाना
जानकारी के अनुसार, अंजलि, सारा और सानिया बिलासपुर के मैरियट कोर्टयार्ड होटल में रुके थे। सुबह होते ही यह काफिला सीधे गनियारी के लिए रवाना हो गया। इस दौरे की भनक स्थानीय प्रशासन और मीडिया को भी काफी देर से लगी। सचिन तेंदुलकर खुद इस दौरे पर साथ नहीं थे, लेकिन उनका परिवार समाज सेवा के इस बड़े केंद्र को देखने और वहां की व्यवस्थाएं समझने पहुंचा था।
मरीजों के बीच वक्त बिताया, बच्चों को बांटे उपहार
गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य केंद्र अपनी सेवाभावी चिकित्सा के लिए जाना जाता है। डॉ. अंजलि तेंदुलकर खुद एक चिकित्सक हैं, इसलिए उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली में विशेष रुचि दिखाई।
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वार्डों का भ्रमण: अंजलि और सारा ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा किया।
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मरीजों से मुलाकात: उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से बातचीत की और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना।
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बच्चों से जुड़ाव: सारा तेंदुलकर और सानिया चंडोक ने अस्पताल के पीडियाट्रिक (बाल रोग) विभाग में बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें उपहार भी भेंट किए।
यात्रा की गोपनीयता और सुरक्षा
तेंदुलकर परिवार की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए इस पूरे दौरे को ‘लो-प्रोफाइल’ रखा गया था। अस्पताल परिसर में भी केवल संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ को ही इसकी जानकारी थी। दौरे के बाद परिवार वापस होटल लौटा और वहां से उनकी रवानगी की तैयारी की गई।
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