रायपुर छत्तीसगढ़ । एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड में हाईकोर्ट के फैसले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। अमित जोगी को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के फैसले का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुरजोर स्वागत किया है।
Advt

न्याय की चौखट पर ‘देर है, अंधेर नहीं’
मुख्यमंत्री साय ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्याय मिलने में वक्त जरूर लगा, लेकिन अंततः सत्य की विजय हुई। उन्होंने मुहावरे का प्रयोग करते हुए कहा, “देर आए, दुरुस्त आए”। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह फैसला उन सभी के लिए एक कड़ा संदेश है जो खुद को कानून से ऊपर समझते हैं।
CM साय के बयान के मुख्य अंश:
-
न्यायपालिका का सम्मान: मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के निर्णय को ‘स्वागतयोग्य’ बताते हुए कहा कि इससे न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा और गहरा होगा।
-
कानून का इकबाल: उन्होंने स्पष्ट किया कि साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने यह साबित कर दिया है कि अपराध करने वाला चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, वह बच नहीं सकता।
-
मुख्य आरोपी पर टिप्पणी: साय ने कहा कि अमित जोगी इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी रहे हैं और न्यायालय ने सभी पहलुओं को परखने के बाद ही अपना फैसला सुनाया है।
- Advt

क्या था मामला?
बता दें कि यह हत्याकांड 21 साल पुराना है, जिसने तत्कालीन जोगी सरकार की जड़ें हिला दी थीं। एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की हत्या के इस मामले को छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा राजनीतिक हत्याकांड माना जाता है। इतने दशकों बाद आए इस फैसले ने न केवल जग्गी परिवार को सुकून दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है।
“न्यायालय का यह निर्णय स्पष्ट संदेश है कि कानून की नजर में सब बराबर हैं। यह प्रदेश की जनता की जीत है।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री
।।।








